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निर्भया केसः दोषी पवन को सुप्रीम कोर्ट से झटका, खारिज हुई रिव्यू पिटीशन

News State Bureau  |   Updated On : January 31, 2020 04:51:34 PM
निर्भया केसः दोषी पवन को सुप्रीम कोर्ट से झटका, खारिज हुई रिव्यू पिटीशन

सुप्रीम कोर्ट (Photo Credit : प्रतीकात्मक फोटो )

नई दिल्ली :  

निर्भया गैंग रेप केस में दोषी पवन गुप्ता को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. निर्भया मामले में दोषी पवन गुप्ता की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका का सुप्रीम कोर्ट ने किया निपटारा. अपराध के समय नाबालिग होने की दलील खारिज करने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी. इस याचिका में डेथ वारंट को रद्द करने की भी मांग की गई थी. कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए डेथ वारंट पर किसी भी तरह की रोक लगाने से इंकार कर दिया. 

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सुप्रीम कोर्ट में 20 जनवरी के उस आदेश पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी जिसमें अपराध के समय पवन के नाबालिग होने की याचिका को खारिज कर दिया गया था. दोषी पवन गुप्ता के पास अभी दोनों विकल्प क्यूरेटिव पिटीशन और दया याचिका बचे हैं. शुक्रवार को दोषी पवन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था घटना के समय वह नाबालिग था. सुप्रीम कोर्ट ने उसके तथ्यों को नजरअंदाज किया. ऐसे में इस मामले में पुनर्विचार की जरूरत है. कोर्ट ने इस मामले में दोषी को किसी भी तरह की राहत देने से इंकार कर दिया.

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कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोषियों के वकील एपी सिंह ने कोर्ट को बताया की विनय कुमार की दया याचिका अभी राष्ट्रपति के सामने लंबित है. जेल प्रशासन के वकील ने सुनवाई के दौरान कहा कि दिल्ली प्रिजन रूल के जिस प्रावधान को आधार बनाकर फांसी की तारीख़ टालने की मांग की गई है, वह इस केस में लागू नहीं होता. विनय की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है, उसे छोड़कर बाकी तीनों को फांसी दी जा सकती है. दोषियों के वकील ने बताया ने सुप्रीम कोर्ट में पवन गुप्ता की पुनर्विचार याचिका लंबित है. गुरूवार को अक्षय की क्यूरेटिव याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज हुई है. हम आदेश मिलने के बाद उसकी ओर से राष्ट्रपति के पास दया याचिका लगाएंगे. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार दया याचिका खारिज होने के बाद 14 दिन दिए जाएंगे. इसलिए किसी को भी फांसी नहीं दी जा सकती. इसलिए नयी तारीख तय की जाए.

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एपी सिंह ने कहा कि शनिवार को किसी को फांसी नहीं दी जा सकती. डेथ वारंट पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगाई जाए. जब तक राष्ट्रपति दया याचिका पर फैसला ना करें. इस पर निर्भया के मां-पिता की वकील ने वृंदा ग्रोवर के पेश होने पर आपत्ति जताई, कहा वो अब इस केस में पेश नहीं हो सकतीं. कोर्ट ने वृंदा को बहस करने की इजाजत दी. वृंदा ने कहा कि कानून में खामियों के चलते देरी हो रही है. मुझे काफी देर बाद केस में मौका मिला. मैंने कोशिश की देरी ना हो इसलिए दोषी मुकेश की ओर से जल्द याचिकाएं लगाई.

First Published: Jan 31, 2020 04:36:01 PM

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