ममता बनर्जी ने BJP पर बोला हमला, कहा- NRC के बहाने राजनीतिक लाभ लेने वाले बेनकाब

न्यूज स्टेट ब्यूरो  |   Updated On : August 31, 2019 11:21:58 PM
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी (फाइल फोटो)

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी (फाइल फोटो) (Photo Credit : )

नई दिल्ली:  

असम में एनआरसी (NRC) की फाइल लिस्ट जारी होने के बाद विपक्ष के साथ बीजेपी के नेता नाराज हैं. पहले असम के वित्त मंत्री और भाजपा नेता हेमंता बिस्वा सरमा ने एनआरसी से छेड़छाड़ की आशंका जताई है. इसके बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने भी एनआरसी की फाइनल लिस्ट का विरोध किया है. उन्होंने कहा, एनआरसी ने उन सभी को पर्दाफाश कर दिया, जिन्होंने राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की.

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एनआरसी लिस्ट का पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने ट्वीट कर कहा, मेरा दिल उन सभी, विशेषकर बड़ी संख्या में बंगाली भाषी भाइयों और बहनों पर जाता है, जो इस प्रक्रिया के कारण पीड़ित हैं. उन्होंने कहा, एनआरसी ने उन सभी को बेनकाब कर दिया है, जिन्होंने राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की. उनके पास राष्ट्र को जवाब देने के लिए बहुत कुछ है. ऐसा तब होता है जब समाज की भलाई और राष्ट्र के बड़े हित के बजाय किसी काम को एक उल्टे मकसद से किया जाता है.

वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने ट्वीट में लिखा है कि एनआरसी में कई ऐसे भारतीय नागरिकों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं जो 1971 से पहले शरणार्थियों के रूप में बांग्लादेश से आए थे, क्योंकि अधिकारियों ने शरणार्थी प्रमाण पत्र लेने से मना कर दिया है.

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उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा, राज्य और केंद्र सरकारों के पहले किए अनुरोध के अनुसार सुप्रीम कोर्ट को सीमावर्ती जिलों में कम से कम 20 प्रतिशत और बाकी असम में 10 प्रतिशत फिर से वेरिफिकेशन की अनुमति देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं दोहराता हूं कि केंद्र और राज्य सरकारों के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट को सटीक और निष्पक्ष एनआरसी के लिए (सीमावर्ती जिलों में) कम से कम 20 प्रतिशत और (शेष जिलों में) 10 प्रतिशत फिर से वेरिफिकेशन की अनुमति देनी चाहिए.

वहीं, कांग्रेस ने कहा कि एनआरसी की मौजूदा स्थिति से राज्य का हर वर्ग नाराज है और देश के वास्तविक नागरिकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. एनआरसी की अंतिम सूची आने के बाद पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर इस मुद्दे को लेकर बैठक हुई, जिसमें पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर से ताल्लुक रखने वाले वरिष्ठ नेता शामिल हुए.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, देश के वास्तविक नागरिकों के हितों की रक्षा होनी चाहिए और उन्हें एनआरसी में शामिल किया जाना चाहिए. असम से कांग्रेस के लोकसभा सदस्य गौरव गोगोई ने कहा, असम का हर वर्ग एनआरसी की स्थिति से नाराज है. भाजपा के मंत्री शिकायत कर रहे हैं. लापरवाही से क्रियान्वयन के कारण भारत के बहुत सारे वास्तविक नागरिकों को भी अदालतों का सामना करना होगा. कांग्रेस सबकी मदद करेगी. राजनीति से ऊपर देश हमारा लक्ष्य है.

First Published: Aug 31, 2019 11:21:58 PM
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