जम्मू-कश्मीरः आसिया अंद्राबी का कबूलनामा, विदेशों से फंड लेकर घाटी में करवाती थी प्रदर्शन

NEWS STATE BUREAU  |   Updated On : June 17, 2019 09:50:37 AM
आसिया अंद्राबी (फाइल फोटो)

आसिया अंद्राबी (फाइल फोटो) (Photo Credit : )

नई दिल्ली:  

जम्मू-कश्मीर की अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी ने कबूल किया है कि वो विदेशी स्रोतों से फंड लेकर घाटी में सेना और सरकार के खिलाफ महिलाओं से प्रदर्शन करवाती थी. आसिया ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के सामने पूछताछ में ये खुलासा किया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक जांच के दौरान आसिया अंद्राबी ने स्वीकार किया कि वह विदेशी स्रोतों से दान और फंड ले रही थी. इसके एवज में उसकी संस्था दुखतारन-ए-मिल्लत घाटी में मुस्लिम महिलाओं से प्रदर्शन करवाती थी.

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एनआईए ने कहा, 'पूछताछ के दौरान आसिया अंद्राबी को मलेशिया में पढ़ रहे उसके बेटे की पढ़ाई की फंडिंग के जुड़े कुछ सबूत भी दिखाए गए. टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार जहूर वटाली ने उसके बेटे की पढ़ाई के लिए पैसे दिए थे. यह बात भी उसने स्‍वीकार की है.'

एनआईए (NIA) ने कहा कि आसिया अंद्राबी ने स्वीकार किया है कि वह विदेशी स्रोतों से दान व धन जुटा रही थी और उसका संगठन दुखतारन-ए-मिल्लत घाटी में मुस्लिम महिलाओं के प्रदर्शन का आयोजन कर रहा था. एनआईए के मुताबिक, मुस्लिम लीग के नेता मसर्रत आलम ने अधिकारियों को बताया कि पाकिस्तान समर्थित एजेंट ने विदेश से पैसे जुटाए और हवाला ऑपरेटर्स के जरिए उसे जम्मू-कश्मीर भेजा.

एनआईए ने कहा, ‘अलगाववादी अंद्राबी को कुछ सबूत भी दिखाए गए, जो 2011 से मलेशिया में पढ़ रहे उसके बेटे की पढ़ाई की फंडिंग से जुड़े थे. उसके बेटे की पढ़ाई के लिए पैसे जहूर वटाली ने दिए थे, जिसे टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है.

एनआईए ने अपने बयान में मुस्लिम लीग नेता मसरत आलम का हवाला दिया, जिसने एनआईए अधिकारियों से कहा कि पाकिस्तान समर्थित एजेंट ने विदेश से धन एकत्र किया और हवाला ऑपरेटर्स के जरिए जम्मू-कश्मीर भेजा. मसरत आलम घाटी में पत्थरबाजों और हिंसक आंदोलनों का तथाकथित पोस्टर बॉय था.

First Published: Jun 17, 2019 09:50:11 AM
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