Hamari Sansad Sammelan: भाजयुमो के अध्यक्ष पद से नरेंद्र सिंह तोमर का कैबिनेट मंत्री तक का सफर

News State Bureau  |   Updated On : June 21, 2019 01:29:50 PM
Hamari Sansad Sammelan: भाजयुमो के अध्यक्ष पद से नरेंद्र सिंह तोमर का कैबिनेट मंत्री तक का सफर

कैबिनेट मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Photo Credit : )

ख़ास बातें

  •  भाजयुमो अध्यक्ष बतौर शुरू की राजनीतिक पारी.
  •  एनडीएस सरकार में तीसरी बार कैबिनेट मंत्री बने.
  •  खेलकूद औऱ साहित्य में भी है गहरी रुचि.

नई दिल्ली.:  

ग्रामीण विकास, पंचायती राज और कृषि-किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भारतीय जनता पार्टी के अग्रिम पंक्ति के नेताओं में गिने जाते हैं. राजनीति के अलावा वह समाज कल्याण के कामों मसलन रक्त दान, वृक्षारोपण औऱ जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे रहने वालों में से हैं. इनके राजनीतिक कद का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि वह एनडीए नीत केंद्र सरकार में तीसरी बार कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं. बीजेपी को मध्य प्रदेश में प्रमुखता दिलाने में उनका योगदान कम करके नहीं आंका जा सकता है.

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पारिवारिक जीवन
नरेंद्र सिंह तोमर का जन्म ग्वालियर, मध्य प्रदेश के एक गांव मोरार में 12 जून 1957 को हुआ. जीवाजी विश्वविद्यालय से स्नातक नरेंद्र सिंह तोमर की शादी किरण तोमर से हुई उनके परिवार में एक बेटी और दो बेटे हैं. राजनीति के प्रति रुझान ने उन्हें 80 के दशक में भारतीय जनता पार्टी की ओर आकर्षित किया औऱ वे सक्रिय राजनीति में आ गए. शुरुआत में वह भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के अध्यक्ष बने. वहां से शुरू हुआ राजनीतिक सफर उन्हें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के दर्जे तक ले आया. राजनीति में नरेंद्र सिंह तोमर ने कई उपलब्धियां हासिल की. लोकसभा चुनाव में बीजेपी को जीत दिलाने में उनके योगदान को कम नहीं आंका जा सकता है. उन्हीं की रणनीति का कमाल है कि बीजेपी मध्य प्रदेश में 29 में से 27 जीतने में सफल रही.

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राजनीतिक सफर
वह मुरैना से विधानसभा चुनाव जीते हैं. उन्हें दो बार मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए जनता ने चुना. 2003 में वह पहली बार केंद्रीय कैबिनेट में शामिल हुए और उन्हें ग्रामीण विकास मंत्रालय़ की जिम्मेदारी दी गई. 2006 में उन्हें मध्य प्रदेश बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया. 2007 में उन्हें राज्य सभा में भेजा गया. 2014 लोकसभा चुनाव में उन्होंने ग्वालियर से जीत दर्ज की. इसके साथ ही उन्हें फिर से कैबिनेट में जगह दी गई. 2019 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र सिंह तोमर ने मुरैना से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की.

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खेल औऱ साहित्य में रुचि
राजनीति और सामाजिक जीवन में नरेंद्र सिंह की छवि बिल्कुल साफ है. उनका नाम कभी किसी विवाद में नहीं आया. नरेंद्र सिंह तोमर के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ भी अच्छे रिश्ते हैं. मध्य प्रदेश के दिग्गज नेता और युग पुरुष माने जाने वाले बाबू लाल गौर प्यार से उन्हें 'मुन्ना भय्या' कह कर बुलाते हैं. राजनीति से इतर नरेंद्र सिंह तोमर की खेलकूद और साहित्य में भी गहरी रुचि है. वह दर्पण स्पोर्ट्स संस्थान के अध्यक्ष भी हैं. साहित्यकारों को बढ़ावा देने के लिए नरेंद्र सिंह तोमर समय-समय पर साहित्य सम्मेलन भी आयोजित करते रहते हैं. इसके अलावा वह तमाम सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से भी जुड़े हुए हैं.

First Published: Jun 21, 2019 01:29:44 PM

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