शीला दीक्षित ने अपने आखिरी संदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दी थी यह बड़ी सलाह

Bhasha  |   Updated On : July 21, 2019 07:58:38 AM
Former Delhi Cm Sheila Dikshit (फाइल फोटो)

Former Delhi Cm Sheila Dikshit (फाइल फोटो) (Photo Credit : )

नई दिल्ली:  

दिग्गज कांग्रेस नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का यहां एक निजी अस्पताल में हृदयरोग के कारण निधन हो गया. वह लगातार तीन बार (1998-2013) दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट के अनुसार, उन्हें कार्डियक अरेस्ट का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी सासें थम गईं. शनिवार की सुबह उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था.

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दिल्ली कांग्रेस प्रमुख के तौर पर शीला दीक्षित का पार्टी कार्यकर्ताओं को आखिरी निर्देश था कि अगर पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच गतिरोध शनिवार को भी खत्म नहीं हो तो वो बीजेपी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करें. कैबिनेट के एक पूर्व सहयोगी ने यह जानकारी दी.  

बता दें कि यूपी के सोनभद्र में जमीन विवाद में मारे गए 9 लोगों के पीड़ितों से मिलने के लिए प्रियंका गांधी पहुंची थीं. यूपी प्रशासन ने प्रियंका को पीड़ित परिवारों से मिलने से रोकते हुए हिरासत में ले लिया था और इसके विरोध में वह धरने पर बैठ गई थी.

शीला दीक्षित के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार में उनके कैबिनेट सहयोगी रहीं किरण वालिया ने कहा कि उन्होंने अपने आखिरी संदेश में कार्यकर्ताओं से बीजेपी मुख्यालय के बाहर आंदोलन करने को कहा था. वह आंदोलन के लिए मौजूद नहीं थीं, इसलिए उनकी जगह पर प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष हारुन युसूफ को नेतृत्व करना था.

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नम आंखों से शीला को याद करते हुए दिल्ली की पूर्व मंत्री किरण वालिया ने कहा, 'शुक्रवार की शाम को दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर शीला दीक्षित ने कहा था कि यदि यूपी सरकार और प्रियंका गांधी के बीच गतिरोध समाप्त नहीं होता है तो कार्यकर्ता बीजेपी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करें.'

शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि देने के बाद किरण वालिया ने कहा, 'यूपी में गतिरोध समाप्त हो गया. यदि ऐसा न होता तो हम बीजेपी मुख्यालय के बाहर आंदोलन करते.'

गौरतलब है कि शनिवार को प्रियंका गांधी और यूपी सरकार के बीच गतिरोध समाप्त हो गया, जब उन्हें सोनभद्र में हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात करने दिया गया. मृतकों के परिजन मिर्जापुर जिले के उस गेस्टहाउस में ही पहुंचे थे, जहां प्रियंका गांधी ठहरी हुई थी.

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शुक्रवार को मिर्जापुर जिला प्रशासन ने प्रियंका गांधी को उस वक्त हिरासत में ले लिया था. जब वह सोनभद्र में हुई हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात करने के लिए जा रही थीं. प्रियंका गांधी की ओर से दिल्ली वापस लौटने से इनकार किए जाने के बाद उन्हें चुनार गेस्टहाउस ले जाया गया था, जहां उन्होंने रात गुजारी.

First Published: Jul 21, 2019 07:13:07 AM
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