Shaheen Bagh CAA Protest: भीम ऑर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने तोड़ी जमानत की शर्तें, हो सकते हैं गिरफ्तार

Avneesh Chaudhary  |   Updated On : January 22, 2020 11:55:28 PM
भीम ऑर्मी प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण

भीम ऑर्मी प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण (Photo Credit : ट्विटर )

नई दिल्ली:  

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भीम ऑर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद दिल्ली के शाहीन बाग मंच पर पहुंचे. शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों के मंच से एक बार फिर चंद्रशेखर ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहीं. चंद्रशेखर ने शाहीन बाग के मंच से कहा कि, ये शाहीन बाग देखकर मुझे तो जालिया वाला बाग की याद आ गयी. हमने गोरे अंग्रेजो को भगाया था अब काले अंग्रेजो की बारी है. सरकार को ये गुमान है कि हम नागरिकता कानून (CAA) वापस नही लेंगे तो हम भी तैयार है. भीम ऑर्मी प्रमुख ने आगे कहा कि संघर्ष के लिए मैं सबसे आगे रहूंगा. मुझे ताज और तलवार से किसी एक को चुनना हो तो मैं तलवार चुनूंगा मुझे जब देखते है डरते है अंदर कर देते हैं पर मैं नही हटूंगा.

चंद्रशेखर ने आगे कहा कि आने वाले अगले कुछ दिनों में देश भर में घूमूंगा और ये विश्वास दिलाता हूं कि अब देश मे 5 हजार शाइन बाग होंगे. दिल्ली का ऐसा कोई रास्ता बताओ जहां जाम ना होता हो तो ये एक सड़क बंद होने से परेशानी है. क्या नोटबन्दी के समय से ज्यादा परेशानी है, यहां लोगों में देश बचाने का जज्बा है, कुर्बानी का जज्बा है तो मेरी एक बहन को लाठी नहीं लगनी चाहिए. भीम ऑर्मी प्रमुख ने केंद्र सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार झूठ बोलती है कि सिर्फ मुस्लिम विरोध कर रहे है. यहां कौन नही है यहां तिरंगा भी है बाइबल भी है.

यह भी पढ़ें-भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने जमानत की शर्तों में बदलाव के लिए अदालत का रुख किया

वहीं आपको बता दें कि चंद्रशेखर जामा मस्जिद दंगा फसाद मामले में सशर्त जमानत पर जेल से निकलने के बाद शाहीन बाग मंच पर पहुंचे, यहां जिस तरह का भाषण दिया है उससे उनकी जमानत की शर्तों का उल्लंघन करके भड़काऊ भाषण देने का आरोप लग सकता है. इसके पहले मंगलवार को दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने भीम ऑर्मी चीफ को दरियागंज हिंसा मामले के संबंध में उन्हें सशर्त जमानत दी थी.

यह भी पढ़ें-भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद तिहाड़ जेल से रिहा, तीस हजारी कोर्ट ने दी जमानत

कोर्ट ने चंद्रशेखर को आदेश जमानत देते हुए कहा था कि उन्हें आगामी 16 फरवरी तक दिल्ली से बाहर रहना होगा वो इस दौरान दिल्ली में नहीं आ सकते हैं. मंगलवार को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने चंद्रशेखर आजाद की जमानत शर्तों में संशोधन किया है. नई शर्तों के मुताबिक अब भीम ऑर्मी प्रमुख दिल्ली आकर घूम सकते हैं लेकिन उन्हें दिल्ली आने से पहले दिल्ली के डीसीपी क्राइम को सूचना देनी होगी. दिल्ली की अदालत ने कहा कि पुलिस कोई ऐसे सबूत पेश  नहीं कर पाई, जिनसे ये बात साबित हो सके कि दिल्ली में चन्द्रशेखर की उपस्थिति से हिंसा फैलेगी.

First Published: Jan 22, 2020 10:34:42 PM
Post Comment (+)

न्यूज़ फीचर

वीडियो