राज्यसभा में बोले अमित शाह- SPG कवर PM के लिए होना चाहिए, न कि एक परिवार के लिए

न्‍यूज स्‍टेट ब्‍यूरो  |   Updated On : December 03, 2019 04:53:46 PM
गृह मंत्री अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह (Photo Credit : न्यूज स्टेट )

नई दिल्ली :  

राज्यसभा में सोमवार को गृहमंत्री अमित शाह ने विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) संशोधन बिल पेश किया है. इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, मैं साफ करना चाहता हूं कि गांधी परिवार को ध्यान में रखते हुए एसपीजी बिल नहीं लाया गया. बिल से गांधी परिवार का कोई संबंध नहीं है. मैं इतना जरूर कहना चाहता हूं कि पिछले परिवर्तन एक परिवार को ध्यान में रखते हुए किए गए थे. अशोक सिंघल को एसपीजी नहीं मिली थी.

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उन्होंने आगे कहा कि एक दौर में उनको भी खतरा था. प्रधानमंत्री स्टेट ऑफ हेड होता है, इसलिए उनके लिए ये सुरक्षा जरूरी है. जहां तक धमकी का सवाल क्यों सिर्फ गांधी परिवार. सबको सुरक्षा मिले. 130 करोड़ लोगों की जिम्मेदारी सरकार की है. मुझे एसपीजी सुरक्षा की जिद समझ नहीं आती है.

अमित शाह ने आगे कहा कि हम समानता में मानते हैं. इस देश में केवल गांधी परिवार की सुरक्षा नहीं है. पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की सुरक्षा हटा ली गई. वीपी सिंह की सुरक्षा हटा ली गई थी. कांग्रेस के नरसिंहा राव की सुरक्षा हटा ली गई. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की सुरक्षा जेड प्लस की गई. तब कांग्रेस ने कोई हाए तौबा नहीं मचाया. हम परिवार का विरोध नहीं करते हैं. हम परिवारवाद का विरोध करते हैं. जब तक हमारे सीने में दम है परिवार का विरोध करते रहेंगे.

गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि सबसे पहले इस बिल को लेकर जो भ्रांतियां हैं वह मैं दूर करना चाहता हूं. दो सदस्यों ने जो कहा कि इस बिल को दो परिवारों को ध्यान में रखकर लाया गया यह हकीकत नहीं है. मैं थोड़ी और स्पष्टता से कहूं तो मेरा कहने का यह आशय था कि गांधी परिवार के तीन सदस्यों को ध्यान में रखकर यह बिल लाया गया यह ठीक नहीं है. जो पुराना कानून था उस आधार पर गांधी परिवार की सेक्युरिटी असेस्मेंट के आधार पर उनकी एसपीजी सुरक्षा हटा ली गई है. इसके लिए उनको दूसरी सुरक्षा मुहैया कराई गई है.

उन्होंने आगे कहा कि विवेक तनखा ने जो सवाल उठाया वह ठीक नहीं है. एक्ट के अंदर चार बार परिवर्तन हुए हैं. यह पांचवां परिवर्तन है. यह पांचवां परिवर्तन किसी परिवार के कारण नहीं हुआ है. उसके पहले ही एसपीजी सिक्योरिटी की जगह सीआरपीएफ जेड प्लस एंबुलेंस को दिया गया है. यह सुरक्षा किसी भी व्यक्ति के लिए देश में सबसे हाईएस्ट सुरक्षा है. परंतु मैं यह जरूर कहना चाहूंगा कि इससे पहले चार बार जो परिवर्तन किए गए थे वह एक परिवार को ध्यान में रखकर किए गए थे.

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अमित शाह ने कहा कि सिर्फ गांधी परिवार की सुरक्षा नहीं देश की 130 करोड़ जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी मोदी सरकार की है, लेकिन यह जिद करना कि मुझे एसपीजी चाहिए यह जिद मुझे समझ में नहीं आती है. एसपीजी के जो लोग हैं कोई विदेश से नहीं आते हैं. यहां कई सिक्योरिटी के लोग हैं, जो SPG से ही आते हैं. क्यों एक परिवार की सुरक्षा को लेकर के मुद्दा उठाया जा रहा है.

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के घर पर एक घटना हुई. एक सूचना मिली कि राहुल गांधी घर पर मिलने आ रहे हैं. राहुल गांधी, रॉबर्ट वाड्रा और सोनिया गांधी जब उनके घर पहुंचते हैं तो कोई जांच नहीं होती है. काले रंग की एक सफारी प्रियंका गांधी के घर में पहुंची, लेकिन इस गाड़ी में कांग्रेस की एक नेता थीं. जिस समय राहुल गांधी आने वाले थे उसी समय ही वे पहुंचीं. ये इत्तेफाक था. हमने जांच का आदेश दे दिया है.

अमित शाह ने आगे कहा कि सरकार ने गांधी परिवार से सुरक्षा वापस नहीं ली है. सिर्फ बदलाव किया गया है. जो रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और उपराष्ट्रपति और राष्ट्रपति को सुरक्षा मिली है, वही उनको मिली है. उन्होंने कहा कि कम्यूनिस्ट पार्टी को राजनीतिक बदले पर बोलने को कोई हक नहीं है. केरल में बीजेपी-आरएसस के 120 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की हत्या हो जाती है. ये सिर्फ राजनीतिक बदले में होती है.   

First Published: Dec 03, 2019 04:19:45 PM
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