इंदिरा गांधी थीं पहली वित्त मंत्री, ये कड़े फैसले लिए गए थे

Yogendra Mishra  |   Updated On : July 05, 2019 11:28:36 AM
इंदिरा गांधी (फाइल फोटो)

इंदिरा गांधी (फाइल फोटो) (Photo Credit : )

नई दिल्ली:  

28 फरवरी 1970 को इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) देश की पहली महिला थीं जिन्होंने बजट पेश किया था. जब वह बजट पेश करने आईं तो पूरे देश की निगाहें थीं कि आखिर नया क्या होगा. क्योंकि वो एक चुनावी बजट था.

1971 के मार्च में आम चुनाव थे और ऐसे में इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) सरकार के ये आखिरी बजट था. इंदिरा गांधी का मशहूर नारा गरीबी हटाओ इसी बजट के दौरान दिया गया था. इसी नारे के बल पर इंदिरा ने चुनाव जीता था. बजट 15 पन्नों का था और इंदिरा ने कई कड़े फैसले लिए थे.

1970 में हुए ये फैसले

  • डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स में बढ़ोतरी की गई. प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाते हुए, इम्पोर्ट ड्यूटी भी बढ़ी थी.
  • इनकम टैक्स में बढ़ोतरी हुई थी. 40 हजार से ज्यादा सालान आय वाले लोगों पर टैक्स लगा था.
  • सामान्य वेल्थ टैक्स बढ़ाया गया था.
  • टेलीविजन पर ड्यूटी बढ़ा दी गई थी.
  • सैलरी वाले लोगों से हर महीने 250 रुपये तय की गई थी.
  • सबसे कड़ा फैसला यह था कि सिगरेट पर ड्यूटी 3 फीसदी से बढ़ाकर 22 फीसदी किया गया था.

अपने इन कड़े फैसलों से इंदिरा गांधी ने देश के राजस्व को बढ़ाया था. आज 48 साल बाद फिर एक महिला वित्त मंत्री भारत का बजट पेश कर रही हैं. लेकिन इसमें यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि आखिर 1970 का समय और था और आज 2019 का समय और है.

First Published: Jul 05, 2019 11:27:58 AM
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