कैप्टन अमरिंदर सिंह के दिल में जगदीश टाइटलर के लिए सॉफ़्ट कॉर्नर: अकाली दल

अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने अमरिंदर सिंह पर हमला करते हुए कहा, 'उन्हें इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को खत लिखकर बताना चाहिए कि वो सबसे बड़े/मुख्य गवाह हैं।'

  |   Updated On : August 27, 2018 07:07 PM
सुखबीर सिंह बादल, शिरोमणि अकाली दल प्रमुख (एएनआई)

सुखबीर सिंह बादल, शिरोमणि अकाली दल प्रमुख (एएनआई)

नई दिल्ली:  

1984 सिख दंगे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहूल गांधी के बयान के बचाव में उतरे पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर अब तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने अमरिंदर सिंह पर हमला करते हुए कहा, 'उन्हें इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को खत लिखकर बताना चाहिए कि वो सबसे बड़े/मुख्य गवाह हैं।' सुखबीर सिंह बादल ने आगे कहा, 'उन्होंने पांच नाम गिनाए लेकिन उन्होंने जगदीश टाइटलर का नाम नहीं लिया। अमरिंदर सिंह के दिल में जगदीश टाइटलर के लिए सॉफ्ट कॉर्नर है।'

गौरतलब है कि इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा, 'यह घटना तब की है जब इंदिरा जी की मौत हुई थी उस वक्त राजीव गांधी बंगाल के एयरपोर्ट पर थे। सिख दंगे में कुछ लोगों को छोड़ दें तो कांग्रेस का कोई हाथ नहीं है। मैनें उन लोगों का नाम भी सार्वजनिक किया है- सज्जन कुमार, धर्मदास शास्त्री, अर्जुन दास और दो अन्य लोग।'

इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का बचाव करते हुए कहा था, 'सिख दंगे जैसी घटना के लिए राहुल को ज़िम्मेदार बताना जबकि वो उस वक़्त के हालात से पूरी तरह वाक़िफ भी नहीं है पूरी तरह से बेतुका है। कांग्रेस एक पार्टी के तौर पर कभी भी इसमें शामिल नहीं था।' उन्होंने कहा कि 1984 के दंगों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर बादल का प्रहार अनुचित और फिजूल है।

अकाली दल की नेता और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा राहुल गांधी के बचाव को शर्मनाक करार देते हुए कहा, 'अमरिंदर सिंह को एक सिख होने के नाते उन्हें चुल्लू भर पानी में डूब कर मर जाना चाहिए।'

गौरतलब है कि लंदन में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने 1984 के सिख दंगो में कांग्रेस का हाथ होने से इनकार किया था। हालांकि इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को 'बेहद दुखद त्रासदी' बताया और कहा कि वह किसी के भी खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा में शामिल लोगों को सजा देने का '100 फीसदी' समर्थन करते हैं।

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पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षक द्वारा हत्या के बाद 1984 में हुए दंगों में करीब 3,000 सिख मारे गए थे। उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।

ब्रिटेन की दो दिवसीय यात्रा पर आए गांधी ने ब्रिटेन के सांसदों और स्थानीय नेताओं की सभा में शुक्रवार को कहा कि यह घटना त्रासदी थी और बहुत दुखद अनुभव था लेकिन उन्होंने इससे असहमति जताई कि इसमें कांग्रेस 'शामिल' थी।

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि किसी के भी खिलाफ कोई भी हिंसा गलत है। भारत में कानूनी प्रक्रिया चल रही है लेकिन जहां तक मैं मानता हूं उस समय कुछ भी गलत किया गया तो उसे सजा मिलनी चाहिए और मैं इसका 100 फीसदी समर्थन करता हूं।'

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उन्होंने कहा, 'मेरे मन में उसके बारे में कोई भ्रम नहीं है। यह एक त्रासदी थी, यह एक दुखद अनुभव था। आप कहते हैं कि उसमें कांग्रेस पार्टी शामिल थी, मैं इससे सहमति नहीं रखता। निश्चित तौर पर हिंसा हुई थी, निश्चित तौर पर वह त्रासदी थी।'

First Published: Monday, August 27, 2018 06:56 PM

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