फिल्म स्टार शर्मिला टैगोर, सैफ अली खान, सबा अली और सोहा अली को नोटिस, नवाब परिवार ने छुपाई जमीनों की जानकारी

News State Bureau  |   Updated On : February 14, 2019 01:02:50 PM
Nawab family को नोटिस

Nawab family को नोटिस (Photo Credit : )

भोपाल:  

भोपाल (Bhopal) सहित रायसेन और सीहोर में भोपाल के तत्कालीन नवाब हमीदुल्ला खान की जमीनों को सरकारी दायरे में लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है. सरकार ने अब नवाब की जमीन को सीलिंग एक्ट के दायरे में लाने की तैयारी कर ली है. इसके लिए वर्ष-1971 की स्थिति में तीनों जिलों के कलेक्टरों से खेती की जमीन का रिकार्ड का सर्वे कराया जा रहा है. इसके तहत भोपाल में करीब 800 एकड़ जमीन अभी भी नवाब परिवार के नाम पर दर्ज है. जबकि सीहोर और रायसेन में करीब तीन हजार एकड़ जमीन ऐसी है, जो सीलिंग के दायरे में लाने की तैयारी की जा रही है. पहले चरण में रायसेन जिले की 721 एकड़ जमीन के मामले को सरकारी घोषित करने से पहले अपर आयुक्त राजेश जैन ने नवाब परिवार के वारिस शर्मिला टैगोर, सैफ अली खान, सबा अली, सोहा अली खान को नोटिस जारी किया है. इनको 18 फरवरी तक अपना पक्ष रखना होगा. यह भी बताना होगा कि 1971 में जब सरकार ने सीलिंग एक्ट के तहत जमीनों की जो जानकारी मांगी थी, उस वक्त पूरी जानकारी क्यों नहीं दी गई.

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सरकार ने जमीदारी प्रथा को खत्म करने के लिए सीलिंग एक्ट 1961 लागू किया था. इसके तहत कोई भी व्यक्ति जिसके पास 54 एकड़ से ज्यादा जमीन थी, उसको इसके दायरे में लाया गया था. इसी एक्ट के तहत भोपाल नवाब की निजी 133 प्रॉपर्टी को छोड़कर सबको इसके दायरे में ले लिया गया था. लेकिन अफसरों की गलती के चलते कुछ जमीनें सरकार के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाई थी. इसके लिए अब दोबारा सर्वे करा कर रिकॉर्ड को दुरुस्त किया जा रहा है.

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तीन साल पहले 24 फरवरी 2015 में शत्रु संपत्ति कार्यालय ने भोपाल नवाब की 133 प्रापर्टी को शत्रु संपत्ति माना था. जिसके तहत इन प्रापर्टी पर सरकार का कब्जा लेने के आदेश दिए थे, लेकिन कानूनी दाव-पेंच की वजह से इन प्रापर्टी पर अब तक कब्जा नहीं लिया जा सका है. अब इन प्रापर्टी में से कई प्रापर्टी और जमीनें बेची जा चुकी हैं, जबकि कई पर नवाब के वारिसों का अब तक कब्जा बना हुआ है.

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क्या है शत्रु संपत्ति

शत्रु संपत्ति कार्यालय केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करता है. शत्रु संपत्ति कानून के मुताबिक पाकिस्तान और चीन जैसे शत्रु देश में रहने वाले व्यक्ति की संपत्ति का नियंत्रण सरकार अपने हाथ में ले लेती है और संपत्ति की देख-रेख और उसे बेचने का हक भी सरकार का ही होता है.

First Published: Feb 14, 2019 12:59:15 PM
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