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राफेल पर कैग रिपोर्ट आने के बाद राहुल गांधी ने कहा, अनिल अंबानी को 30,000 करोड़ रुपये देना पीएम का मकसद

News State Bureau  |   Updated On : February 13, 2019 05:41 PM
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो : @INCIndia)

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो : @INCIndia)

नई दिल्ली:  

राफेल डील पर नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की रिपोर्ट आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री घबराए हुए हैं. यदि राफेल डील में घोटाला नहीं हुआ है तो संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के लिए सहमति दी जाय. बीजेपी जेपीसी से क्यों डर रही है? राहुल गांधी ने राफेल पर भारतीय समझौता टीम के नोट को दिखाते हुए कहा कि पूरा मामला दो बिंदुओं पर टिका था, पहला कीमत और दूसरा एयरपोर्स को एयरक्राफ्ट जल्दी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि नई डील का एकमात्र उद्देश्य अनिल अंबानी को 30,000 करोड़ रुपये दिलाना था.

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी, अरुण जेटली और निर्मला सीतारमण जी का पूरा बहस इस बात पर था कि नई डील इसलिए की गई क्योंकि वे एयरफोर्स को जल्दी एयरक्राफ्ट देना चाहते थे. रक्षा मंत्रालय के तकनीकी विशेषज्ञों के नोट में लिखा है कि नई डील में अंतिम हवाई जहाज 10 साल में आएगा. मतलब पिछली डील के मुकाबले देरी से मिलेंगे.

उन्होंने कहा, 'इसी कागजात में एक्सपर्ट्स ने ये भी लिखा है कि अंतिम दाम जो फ्रेंच ने तय किया है वो बेंचमार्क प्राइस से 55 फीसदी ज्यादा है.'

उन्होंने कहा, 'अगर सीएजी रिपोर्ट को ही देखा जाय तो निर्मला सीतारमण ने संसद में झूठ बोला है, उन्होंने कहा था कि राफेल डील 9-20 फीसदी सस्ती हुई थी. लेकिन सीएजी 2.8 फीसदी बता रहा है. हालांकि हम इससे (सीएजी रिपोर्ट) भी सहमत नहीं हैं.'

राहुल ने कहा कि अफसरशाही, वायुसेना और रक्षा मंत्रालय में ये फीलिंग है कि राफेल मामले में शत प्रतिशत चोरी हुई है. उन्होंने कहा कि इस पर नरेंद्र मोदी को सामने आना चाहिए और राफेल पर डिबेट करना चाहिए. वे अपना पक्ष रखेंगे और हम अपना पक्ष रखेंगे, जनता निर्णय करेगी.

न्यूज नेशन के सवाल पर राहुल गांधी ने डिसेंट नोट का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को भी इससे अनभिज्ञ रखा गया था. इस नोट को सीएजी ने भी शामिल नहीं किया है.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'पर्रिकर जी कहते हैं कि नई डील के बारे में नहीं मालूम है, समझौता टीम कहती है कि डील महंगी हुई है और वे कह रहे हैं कि आरोप नहीं है. मैं कहता हूं कि पीएम पर सीधे-सीथे भ्रष्टाचार के आरोप हैं.'

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कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 36 राफेल विमानों के लिये भारत की जरूरतों के हिसाब से बदलाव 126 विमानों के जैसे ही हैं. नये सौदे में प्रति विमान 25 मिलियन यूरो ज्यादा भुगतान किया गया है. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि इसी जगह पर भ्रष्टाचार हुआ है.

सुरजेवाला ने प्रेस कांफ्रेंस ने कहा कि यदि आप रिपोर्ट पर नजर डालें तो रिपोर्ट में ये माना गया है कि 2007 के सौदे में संप्रभु गारंटी, बैंक गारंटी और प्रदर्शन गारंटी शामिल थी, जबकि नये सौदे में यह शामिल नहीं है.

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गौरतलब है कि बुधवार को सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार द्वारा हस्ताक्षरित राफेल लड़ाकू विमान सौदे की कीमत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार द्वारा प्रस्तावित कीमत से 2.86 फीसदी कम है. सरकार द्वारा बुधवार को राज्यसभा में बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट को सदन में पेश किया गया.

रिपोर्ट में एनडीए सरकार द्वारा साइन की गई डील में 36 राफेल लड़ाकू विमानों के वास्तविक मूल्य का खुलासा नहीं किया गया है. हालांकि, रिपोर्ट में कीमत की जांच शामिल है.

First Published: Wednesday, February 13, 2019 05:41 PM

RELATED TAG: Rahul Gandhi, Rafale Deal, Pm Modi, Cag Report On Rafale, Defence Ministry, Cag,

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