तकनीकी विकास से कम नहीं होंगी नौकरियां, होंगे नये अवसर पैदा: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को तकनीकी विकास से रोजगार घटने की आशंका को दरकिनार करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), ब्लॉकचेन और दूसरी प्रौद्योगिकियों से रोजगार का स्वरूप बदल जायेगा

News State Bureau  |   Updated On : October 12, 2018 05:09 PM
नरेंद्र मोदी (फोटो- ट्विटर)

नरेंद्र मोदी (फोटो- ट्विटर)

नई दिल्ली:  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को तकनीकी विकास से रोजगार घटने की आशंका को दरकिनार करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), ब्लॉकचेन और दूसरी प्रौद्योगिकियों से रोजगार का स्वरूप बदल जायेगा और इससे रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे. मोदी ने विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के ‘सेंटर फोर दी फोर्थ इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन’ के शुरुआत के मौके पर कहा कि उनकी सरकार चौथी औद्योगिक क्रांति के फायदों का लाभ उठाने के लिए नीतिगत बदलाव को तैयार है.

उन्होंने कहा कि ‘इंडस्ट्री 4.0’ और एआई का विस्तार बेहतर चिकित्सा तथा कम लोगत का मार्ग प्रशस्त करेगा. यह किसानों की मदद करेगा और कृषि क्षेत्र को फायदा पहुंचाएगा. मोदी ने कहा कि देश में जैसे जैसे कार्य आगे बढ़ रहे हैं, इनमें एक लक्ष्य यह भी है कि ‘भारत के लिए समाधान, विश्व के लिए समाधान‘है.

उन्होंने कहा, ‘कुछ लोग चिंतित हैं कि तकनीक के आगे बढ़ने से रोजगार पर नकारात्मक असर होगा लेकिन वास्तविकता इससे अलग है. इंडस्ट्री 4.0 उन आयामों को छुएगा जो अछूते रहे हैं. यह रोजगार का स्वरूप बदल देगा और नये अवसर सृजित करेगा.’

मोदी ने कहा कि सरकार ने इनकी पहचान कर स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और अटल इनोवेशन मिशन जैसी कई मुहिम शुरू की हैं. उन्होंने कहा कि भारत चौथी औद्योगिक क्रांति में अहम भूमिका निभाने वाला है. उन्होंने कहा कि विविधता, जनसांख्यिकीय क्षमता, तेजी से बढ़ता बाजार का आकार और डिजिटल संरचना में देश को शोध तथा क्रियान्वयन का वैश्विक केंद्र बनाने की संभावना व्याप्त है. उन्होंने कहा कि पिछली औद्योगिक क्रांतियों से भारत को अलग-थलग रखा गया लेकिन चौथी औद्योगिक क्रांति में देश का योगदान शानदार रहेगा. मोदी ने कहा, 'जब पहली और दूसरी औद्योगिक क्रांति हुई तब भारत आजाद नहीं था. जब तीसरी औद्योगिक क्रांति हुई तब भारत तुरंत मिली आजादी के समक्ष खड़ी चुनौतियों से जूझ रहा था.’

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन और बिग डेटा में देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की क्षमता है.

प्रधानमंत्री ने केंद्र की शुरुआत करते हुए कहा कि यह भविष्य के लिए असीम संभावनाओं का द्वार खोलता है. मुंबई का यह केंद्र सैन फ्रांसिस्को, तोक्यो और बीजिंग के बाद विश्व में चौथा है.

मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि दूरसंचार की पहुंच का घनत्व 93 प्रतिशत हो गया है और अब करीब 50 करोड़ भारतीयों के हाथों में मोबाइल है.

उन्होंने कहा कि भारत विश्व में सबसे अधिक मोबाइल इंटरनेट उपभोग करने वाला देश है और दरें भी सबसे कम हैं. उन्होंने कहा कि मोबाइल डेटा उपभोग पिछले चार साल में 30 गुणा बढ़ा है.

मोदी ने कहा कि 120 करोड़ से अधिक भारतीयों के पास आधार है. उन्होंने कहा कि सभी ढाई लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ने का काम जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा. 2014 में सिर्फ 59 पंचायत ऑप्टिकल फाइबर से जुड़े थे जबकि अभी एक लाख पंचायत इससे जुड़े हुए हैं.

प्रधानमंत्री ने ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी के बारे में कहा कि यह न्यूनतम सरकार और अधिकतम संचालन को आगे बढ़ाने में मदद करेगी. इससे प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन तथा संपत्ति के पंजीकरण जैसी सरकारी सेवाओं में मदद मिलेगी.

उन्होंने कहा कि सरकार ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी के लिए राष्ट्रीय रणनीति पर काम कर रही है तथा ड्रोन नीति की भी घोषणा करेगी.

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इस मौके पर कहा कि भविष्य का भारत तीन चीजों अगली पीढ़ी की डिजिटल संरचना, युवाओं की ताकत तथा अगली पीढ़ी के उद्यमियों के सबसे बड़े समूह की ताकत से संचालित होगा.

अंबानी ने कहा, ‘इनमें से तीनों स्तंभों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी डिजिटल इंडिया कार्यक्रम से बल मिल रहा है. मुझे लगता है कि इससे असीम अवसर सृजित होंगे.’

First Published: Friday, October 12, 2018 05:04 PM

RELATED TAG: Technology, Opportunities, Job, Pm Modi,

देश, दुनिया की हर बड़ी ख़बर अब आपके मोबाइल पर, डाउनलोड करें न्यूज़ स्टेट एप IOS और Android यूज़र्स इस लिंक पर क्लिक करें।

Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो करें

न्यूज़ फीचर

मुख्य ख़बरे

वीडियो

फोटो