BREAKING NEWS
  • स्टील किंग लक्ष्मी निवास मित्तल के छोटे भाई धोखाधड़ी के संदेह में गिरफ्तार- Read More »
  • फिर उठा असहिष्‍णुता का शोर, श्‍याम बेनेगल, रामचंद्र गुहा सहित कई लोगों ने लिखा पीएम मोदी को खत- Read More »
  • ट्रंप से भी ज्यादा विवादित हैं ब्रिटेन के नए पीएम, मुस्लिम महिलाओं को लेकर कर चुके हैं अभद्र टिप्पणी- Read More »

लोकसभा में जम्मू एवं कश्मीर आरक्षण विधेयक पेश, जानें इस बिल में क्या है खास

IANS  |   Updated On : June 24, 2019 08:28 PM
लोकसभा में जम्मू एवं कश्मीर आरक्षण विधेयक पेश

लोकसभा में जम्मू एवं कश्मीर आरक्षण विधेयक पेश

ख़ास बातें

  •  लोकसभा में जम्मू एवं कश्मीर आरक्षण विधेयक पेश
  •  अमित शाह की मौजूदगी में जीकिशन रेड्डी ने पेश किया विधेयक
  •  आईबी के पास रहने वाले लोगों को एलओसी के पास रहने वालों की तरह ही लाभ मिलेगा

नई दिल्ली:  

लोकसभा में सोमवार को जम्मू एवं कश्मीर आरक्षण अधिनियम, 2004 में संशोधन के लिए एक विधेयक पेश किया गया. इससे अंतर्राष्ट्रीय सीमा के आसपास रहने वाले लोगों को नौकरियों, पदोन्नति और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ उसी तरह मिलेगा जिस तरह नियंत्रण रेखा के पास रहने वालों को मिलता है. यह कानून, जम्मू एवं कश्मीर आरक्षण (संशोधन) अध्यादेश 2019 की जगह लेगा.गृह राज्य मंत्री जीकिशन रेड्डी ने गृहमंत्री अमित शाह की तरफ से विधेयक को पेश किया. शाह भी सदन में मौजूद थे.

इस विधेयक से अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) के पास रहने वाले लोगों को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास रहने वालों की तरह ही लाभ मिलेगा. अभी तक आईबी के पास रहने वालों को जम्मू एवं कश्मीर आरक्षण अधिनियम 2004 व नियम 2005 से बाहर रखा गया था.

विधेयक को पेश करने के कारणों को बताते हुए सरकार ने एक बयान में कहा कि सीमा पर लगातार तनाव के कारण अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगे इलाकों में रहने वाले व्यक्तियों को सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक पिछड़ेपन का सामना करना पड़ता है.

इसे भी पढ़ें :तीन तलाक पर सदन आजम खान का बड़ा बयान कहा कुरान में लिखी बातों को ही मानेंगे

इसमें कहा गया, 'यह स्थिति अक्सर इन निवासियों को अन्य सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर करती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और शैक्षिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.'

एक लिखित बयान में अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति ने 19 दिसंबर, 2018 को संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत एक घोषणा जारी की, जिसमें कहा गया है कि जम्मू एवं कश्मीर राज्य की विधायिका की शक्तियां संसद के अधिकार के तहत या उसके द्वारा इस्तेमाल की जाएंगी.

उन्होंने कहा कि इस कानून के बनने से सीमा के नजदीक रहने वाले लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी.

First Published: Monday, June 24, 2019 08:28 PM
Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज,ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो करें

RELATED TAG: Jammu And Kashmir Reservation Bill, Amit Shah, Home Minister Amit Shah, Lok Sabha,

डाउनलोड करें न्यूज़ स्टेट एप IOS और Android यूज़र्स इस लिंक पर क्लिक करें।

अन्य ख़बरें

Newsstate Whatsapp

न्यूज़ फीचर

वीडियो

फोटो