Hindi Diwas 2018: आज मनाया जा रहा हिंदी दिवस, जाने क्यों बन रही है हिंदी ग्लोबल लैंग्वेज

हिंदी दिवस आज विश्वभर में मनाया जा रहा है. यह दिन सभी हिंदी भाषियों के लिए बेहद खास है. इस दिन हिंदी को देश की राजभाषा होने का गर्व प्राप्त हुआ था.

  |   Updated On : September 14, 2018 12:31 PM
हिंदी दिवस 2018

हिंदी दिवस 2018

नई दिल्ली:  

Hindi Diwas 2018: हिंदी दिवस आज विश्वभर में मनाया जा रहा है. यह दिन सभी हिंदी भाषियों के लिए बेहद खास है. इस दिन हिंदी को देश की राजभाषा होने का गर्व प्राप्त हुआ था. हिंदी को 14 सितंबर 1949 के दिन राजभाषा का सम्मान दिया गया था. आज भारत में लगभग 77% लोग हिंदी पढ़ते, बोलते, लिखते और समझते हैं. हिंदी दिवस का उत्सव 15 दिन पहले ही शुरू हो जाता है, इसे हिंदी पखवाड़ा के रूप में मनाया जाता है. विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, संगठनों में इस दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इस दौरान हिंदी निबंध, भाषण, कविता और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है.

आज हिंदी भाषा विश्व पटल पर एक ग्लोबल लैंग्वेज बन गई है. न केवल भारत में शैक्षिण संस्थानों में लोग इस भाषा को सिखना चाहते हैं, बल्कि विश्व में इस भाषा का ज्ञान रखने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. हिंदी विश्व स्तर पर मंदारिन, स्पेनिश और अंग्रजी के बाद चौथे स्थान पर सबसे अधिक बोले जानी वाली भाषा है. विश्व में आज 4% से अधिक लोग हिंदी भाषा लिखते, बोलते और समझते हैं.

कहा जाता है कि ब्रिटिश राज के दौरान अंग्रेजों ने भारत में अंग्रेजी का प्रभुत्व स्थापित किया. आजादी के बाद धीरे-धीरे अंग्रेजी संपन्न परिवारों की भाषा बनती गई. शिक्षा व्यवस्था में भी यह प्रवेश करने लगी. इसके बाद जब 1980 और 1990 में उदारीकरण, वैश्विकरण और औद्दोगीकरण के बाद जब बड़ी संख्या में विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत आईं तो हिंदी के लिए एक खतरा बन गया क्योंकि वह अपने साथ अंग्रेजी ले कर आईं. इस बात में आज भी कोई दो राय नहीं कि आज अधिकतर लोग अंग्रेजी भाषा में शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं, क्योंकि अंततः सबको नौकरी करनी है। अधिकतर कंपनी आपसे मांग करती हैं कि आपको अंग्रेजी का ज्ञान आवश्क रूप से होना चाहिए. 

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पर आज स्थितियां बेहतर हो रही है, इसमें सबसे अहम योगदान एंटरटेनमंट इंडस्ट्री का है. जिसमें आज विज्ञापनों का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हिंदी विज्ञापनों का है. विज्ञापनों के बाजार में आज हिंदी भाषा का अच्छा और क्रिएटिव इस्तेमाल हो रहा है. ऐसे में बहुराष्ट्रिय कंपनियां लोगों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए हिंदी को ही माध्यम बना रही है. वैश्विक स्तर पर भी हिंदी का खूब प्रचार-प्रसार हो रहा है. हिंदी भाषा एक संपन्न भाषा है, उसका अपना इतिहास है, व्याकरण है. साथ ही वह जनसमान्य की भाषा के रूप में जानी जाती है.  यह बड़े कारण है जिसकी वजह से आज हिंदी युवा वर्ग की भाषा बनी हुई है. बदलते समय के साथ हर किसी को बदलना होता है, अगर वह ऐसा नहीं करता है तो वह पीछे छूट जाता है. ऐसे में हिंदी ने भी इस बात को आत्मसात किया है, वह निरंतर बदल रही है, निरंतर आधुनिक हो रही है. आज के दौर में सब कुछ आसान हो रहा है, सबकुछ दो मिनट के इंस्टेंट नूडल की तरह होना चाहिए. जरूरी है कि हम हिंदी को युवाओं की भाषा बनाएं, तभी वह प्रगतिशील भाषा के रूप में विकास कर पाएंगी.

First Published: Friday, September 14, 2018 12:03 PM

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