ओखी तूफान: केरल के 33 मछुआरे बचाए गए, कई परिवार निकाले गए बाहर

केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने बैठक कर बताया कि परेशान होने की जरूरत नहीं है। नौसेना और तटरक्षक के प्रयासों से हालात नियंत्रण में है।

  |   Updated On : December 01, 2017 09:07 PM
तेज हवाओं के कारण पलटी नाव (फोटो- श्रीप्रंपच)

तेज हवाओं के कारण पलटी नाव (फोटो- श्रीप्रंपच)

तिरुवनंतपुरम:  

भारतीय नौसेना और तटरक्षक ने केरल और तमिलनाडु में एक दिन पहले आए तूफान ओखी के बाद 33 मछुआरों (केरल के) को गहरे समुद्र से सुरक्षित निकाल लिया है। वहीं चेलनम से 130 परिवार, कुमबालांगी से 17 परिवार और एडवांकड़ से 18 परिवार को सुरक्षित निकाला गया है।

केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक कर कहा कि परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि नौसेना और तटरक्षक के प्रयासों से हालात नियंत्रण में है।

उन्होंने यह भी कहा कि वह फंसे मछुआरों को बचाने में मदद के लिए रक्षा मंत्रालय से और नौसैना विमानों की मांग करेंगे। इस बीच, पूवर, विझिंजम, कोवलम जैसे तटीय गांवों के गुस्साए मछुआरों ने बचाव कार्य में तेजी नहीं लाने पर राजमार्गो को बंद करने की चेतावनी दी है।

तिरुवनंतपुरम में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए विजयन ने कहा, 'सात जहाज और चार हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं और नौवहन के निदेशक को समुद्र में फंसे मछुआरों की मदद के लिए व्यापारिक जहाजों को जाने देने के निर्देश भी दिए गए हैं।'

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उन्होंने कहा, 'इस तरह के दो जहाजों ने 10 मछुआरों को बचाया है। बचाव दल के पास सबसे बड़ी समस्या यह है कि गहरे समुद्र में फंसे मछुआरे अपनी नौका को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं, जिससे परेशानी हो रही है।'

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग की लक्षद्वीप और केरल में भयावह समुद्री हालात होने की रपट के मद्देनजर उन्होंने रक्षा मंत्री से और विमान भेजने की गुजारिश करने का फैसला किया है।

मौसम विभाग की रपटों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह बड़ी राहत की बात है कि गुरुवार को केरल तट से 70 किलोमीटर दूरी पर चलने वाली चक्रवाती हवाएं अब तट से करीब 200 किलोमीटर दूर हैं।

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मौसम विभाग ने केरल और लक्षद्वीप में एक-दो दिन तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। केरल की मत्स्यपालन मंत्री जे. मर्सीकुट्टी ने आईएएनएस को बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री पिनरई विजयन के साथ बैठक की है।

मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक सुदेवन ने यहां कहा कि गहरे समुद्र में स्थिति ऐसी है कि खराब मौसम के दौरान बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टर इस्तेमाल में लाना संभव नहीं है।

मर्सीकुट्टी ने कहा, 'यह कहना गलत है कि मछुआरे लापता हैं। बचाव दल ने 33 मछुआरों को बचा लिया है और 70 अन्य जो अभी भी गहरे समुद्र में हैं, उन लोगों ने भेजे गए संदेशों का जवाब देना शुरू कर दिया है।'

नवीनतम मौसम बुलेटिन के अनुसार, मौसम विभाग ने दक्षिण तमिलनाडु और दक्षिण केरल के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका जताई है।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खराब मौसम की सूचना मिलते ही तत्परता के साथ काम शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आपात बैठक बुलाई और एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया। हम नौसेना और तटरक्षक के संपर्क में हैं।

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बचाव दल द्वारा बचाए गए तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे के पास के मछुआरे मुथप्पन ने मीडिया को बताया कि वह और चार अन्य मछुआरे नौका में थे, तभी गुरुवार अपराह्न करीब दो बजे गहरे समुद्र में हलचल होने लगी और स्थिति भयावह होने लगी।

उन्होंने बताया कि तेज लहरों ने उन्हें नौका से बाहर फेंक दिया और उनमें से चार पलटी हुई नौका को ही पकड़े रहे, जबकि एक अन्य शख्स केरोसिन का पीपा पकड़े रहा।

मुथप्पन ने कहा कि तीन घंटे बाद एक अन्य नौका द्वारा उन्हें बचाया गया। मुथप्पन को यहां एक जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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First Published: Friday, December 01, 2017 06:22 PM

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