9/11 हमला: आतंकी हमले का वो खौफनाक मंज़र जिसने पूरी दुनिया को झकझोरा, मौत के मुंह में समा गए थे 3 हज़ार से ज्यादा लोग

अमेरिका 9 सितंबर 2001 को उस त्रासदी से रूबरू हुआ जिसने दुनिया को हिला कर रख दिया था।

  |   Updated On : September 11, 2018 12:01 PM
9/11 हमला का एक दृश्य (फाइल फोटो)

9/11 हमला का एक दृश्य (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:  

अमेरिका के इतिहास में हुए अब तक के सबसे बड़े आतंकवादी हमले की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। अमेरिका 9 सितंबर 2001 को उस त्रासदी से रूबरू हुआ जिसने दुनिया को हिला कर रख दिया था। आतंकियों ने दो विमानों का मिसाइल की तरह इस्तेमाल किया था। इस हमले में विमान सवार कोई भी नहीं बच पाया था। 17 साल बाद भी अमेरिका के इतिहास में दर्ज वो काला दिन के बारे में आज भी सोच कर रोंगटे खड़े हो जाते है। अलकायदा के आतंकियों ने अमेरिका में महत्वपूर्ण इमारतें वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, पेंटागन और पेंसिलवेनिया को निशाना बनाया था। इस घटना को अंजाम देने के लिए आतंकियों ने छार यात्रियों से भरे प्लेन हाईजैक किये जिसमें तीन सही निशाने पर पहुंचे। आतंकियों ने दो यात्री विमान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर टॉवर से टकरा दिए थे, तीसरा विमान पेंटागन और चौथा प्लेन पेंसिलवेनिया में क्रैश हुआ था। क्रैश के बाद गगनचुम्बी इमारत धराशायी हो गई थी और कई लोग मौत के मुंह में समा गए थे।

आज भी 9/11 हमले का जिक्र होते ही उस भयानक आतंकी हमले की यादें ताज़ा हो जाती है। इस बड़े आतंकी हमले में 3000 लोगों की जान चली गई थी। इस हमले की भयावहता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि मृतकों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे। हमले के पीछे अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का हाथ था। अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को अमेरिकी नौसेना के सील कमांडो कार्रवाई में दो मई 2011 को मार गिराया गया था। दिसंबर 2001 में अमेरिकी और अफगानिस्तानी सेना तोरा बोरा में लादेन को पकड़ने के करीब पहुंच गई थी लेकिन वह अफगानिस्तानी सीमा से होते हुए पाकिस्तान भाग गया।

अमेरिकन एयरलाइन्स फ्लाइट 11 में चढ़े आतंकी मोहम्मद अटा ने साथियों के साथ प्लेन को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के नॉर्थ टावर के 93-99 फ्लोर और यूनाइटेड एयरलाइन्स फ्लाइट 175 को साउथ टावर के 75-85 फ्लोर से क्रैश कर दिया था। प्लेन में सवार सभी यात्रियों की मौत हो गई थी। बताया जाता है कि इस भयंकर हमले में 100 अरब रूपये की संपत्ति कला नुकसान हुआ और आग बुझाने में 100 दिन तक का समय लग गया था।

डब्ल्यूटीसी हेल्थ प्रोग्राम द्वारा एक अध्ययन से एक चौंका देने वाली बात सामने आई थी। इस हमले ने लोगों के दिलों पर घाव तो दिए इसके साथ ही लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव डाला। तीन गुना कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ी है। यह हमला बेशक 2001 में हुआ था लेकिन लोगों के स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव 2012 के बाद सबसे ज्यादा पड़ना शुरू हुआ। कैंसर का कारण टॉवर की धूल को बताया गया है।

First Published: Monday, September 10, 2018 11:31 PM

RELATED TAG: 9 1 Attack, Osama Bin Laden,

देश, दुनिया की हर बड़ी ख़बर अब आपके मोबाइल पर, डाउनलोड करें न्यूज़ स्टेट एप IOS और Android यूज़र्स इस लिंक पर क्लिक करें।

Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो करें

न्यूज़ फीचर

मुख्य ख़बरे

वीडियो

फोटो