PHOTO: हंगपन दादा को मिला अशोक चक्र, गणतंत्र दिवस पर दिखा भारत का शौर्य

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजपथ से दुनिया ने भारत की शक्ति का ऐहसास किया। राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हजारों लोगों के बीच राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने तिरंगा फहराया।

  |   Updated On : January 26, 2017 02:29 PM

नई दिल्ली:  

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजपथ से दुनिया ने भारत की शक्ति का एहसास किया। राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हजारों लोगों के बीच राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने तिरंगा फहराया। इसके बाद देश की ताकत का प्रदर्शन शुरु हुआ। इन सब के गवाह बने अबू धाबी के राजकुमार मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान। संयुक्त अरब अमीरात के 149 सदस्यीय सैन्य दल ने गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया। 

पनडुब्बी आईएनएस कालवारी

पनडुब्बी आईएनएस कालवारी

भारतीय नौसेना ने 68वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान स्टील्थ-गाइडेड मिसाइल विध्वसंक आईएनएस चेन्नई और स्वदेशी निर्मित कालवारी क्लास स्कॉर्पीन पनडुब्बियों का प्रदर्शन किया। नौसेना में फाक्सट्रोट-क्लास की पनडुब्बी आईएनएस कालवारी को शामिल किए जाने को 50 साल पूरे हो गए हैं। इस दौरान मरीन कमांडोज ने मार्च भी किया। प्रदर्शन में लंबी दूरी के पी8-आई समुद्री निगरानी विमान के मॉडल को भी शामिल किया गया।

आसमान में दहाड़ता तेजस

आसमान में दहाड़ता तेजस

देश के हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस और एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निग एंड कंट्रोल सिस्टम (एईडब्ल्यू एंड सी) ने गुरुवार को गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार अपनी ताकत दिखाई। आसमान में बदली छाए रहने के बावजूद 300 मीटर की ऊंचाई पर 780 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उड़ान भरकर तीन लड़ाकू जेट विमानों ने राजपथ पर दर्शकों को हैरत में डाल दिया।

राष्ट्रपति भवन के ऊपर लड़ाकू विमान

राष्ट्रपति भवन के ऊपर लड़ाकू विमान

तेजस को जुलाई 2016 में भारतीय वायुसेना के 45वें स्क्वाड्रन में शामिल किया गया था। विमानों की संख्या को मौजूदा आठ से बढ़ाकर प्रतिवर्ष 16 करने की योजना है।

स्वदेश-निर्मित तोप धनुष

स्वदेश-निर्मित तोप धनुष

गणतंत्र दिवस परेड में स्वदेश-निर्मित तोप धनुष का पहली बार प्रदर्शन किया गया। जबलपुर की गन कैरिज फैक्टरी द्वारा निर्मित 155 मिमी की इस तोप की लागत 14.50 करोड़ रुपये है। यह भारत द्वारा 1980 के दशक में खरीदे गए बोफोर्स तोपों का उन्नत रूप है। टी-90 भीष्म टैंकों, इंफैंटरी कॉम्बैट व्हीकल बीएमपी -2के, वेपन लोकेटिंग रडार स्वाति, सीबीआरएन रीकान्सन्स व्हीकल को भी परेड में शामिल किया गया।

शहीद हवलदार हंगपन दादा की पत्नी को अशोक चक्र देते राष्ट्रपति

शहीद हवलदार हंगपन दादा की पत्नी को अशोक चक्र देते राष्ट्रपति

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शहीद हवलदार हंगपन दादा को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया। वह मई 2016 में जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए थे। हंगपन की विधवा चेसन लोवांग ने राष्ट्रपति मुखर्जी से यह सम्मान प्राप्त किया। यह शांतिकाल का सर्वोच्च वीरता अवॉर्ड है। उन्हें यह सम्मान अदम्य साहस, वीरता और बलिदान के लिए दिया गया।

संयुक्त अरब अमीरात की सेना परेड में हुई शामिल

संयुक्त अरब अमीरात की सेना परेड में हुई शामिल

संयुक्त अरब अमीरात के दल में यूएई के राष्ट्रपति गार्ड, वायु सेना, नौसेना, थल सेना के सैनिक और 35 संगीतकार शामिल थे। इस दल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल अबूद मुसाबेह अबूद मुसाबेह अलगफेली ने किया।

एनएसजी कमांडो पहली बार परेड में हुए शामिल

एनएसजी कमांडो पहली बार परेड में हुए शामिल

देश के आतंकवाद रोधी दल राष्ट्रीय सुरक्षा दल (एनएसजी) ने पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लिया। काली वर्दी में लगभग 60 कमांडो के एक दल ने राजपाथ पर मार्च किया और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को सलामी दी। एनएसजी की एंटी-हाइजैकिंग वैन 'शेरपा' भी परेड में शामिल की गई। शेरपा बुलेट-प्रूफ बख्तरबंद वाहन है, जिसमें किसी भी विध्वंसक विस्फोट को सहने और पानी के भीतर भी चलने की क्षमता है।

First Published: Thursday, January 26, 2017 12:26 PM

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