Republic Day 2017: तेजस के अलावा 35 अन्य लड़ाकू विमान करेंगे शक्ति प्रदर्शन

भारत के 68वें गणतंत्र दिवस पर भारत इस बार परेड में तेजस के अलावा 35 अन्य लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट से पुरा आसमान थर्रा उठेगा। भारत की इन लड़ाकू विमानों से पूरे विश्व में भारत अपनी शक्ति प्रदर्शन करेगा।

  |   Updated On : January 25, 2017 01:03 PM

नई दिल्ली:  

हर साल गणतंत्र समारोह में देश की सशस्‍त्र सेनाओं अपने शौर्य का प्रदर्शन करती है।

'तेजस' पहली बार 26 जनवरी की परेड में फ्लाई पास्ट में हिस्सा लेगा। राजपथ पर तीन 'तेजस' विमान आकाश में उड़ान भरगें। तेजस को पिछले साल जुलाई में ही भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। इसके अलावा सुखोई, मिराज, मिग-29 और जगुआर जैसे विमान भी शौर्य प्रदर्शन करेंगे।

26 जनवरी को ये लड़ाकू विमान भरेंगे उड़ान

1-परिवहन विमान 'सी-17' महिला पायलट उड़ाती दिखेंगी।
2-400 किलोमीटर तक जमीन पर होने वाली हर हरकत पर नजर रखने वाले 'अवाक्स' भा उड़ान भरेगा।
3-परेड शुरू होने पर चार एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए सलामी मंच से गुजरेंगे।
4-वायुसेना का ध्वज लेकर देश में ही बने तीन लडाकू हेलीकॉप्टर रुद्र और अडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टरों को सलामी मंच से गुजारा जाएगा।
5-इसके बाद मी-35 अटैक हेलीकॉप्टर भी दर्शकों के सामने से गुजरेंगे।
6-एम्ब्रेयर विमान पर देश में विकसित किया गया टोही विमान भी उड़ान भरेगा। फ्लाई पास्ट के दौरान परिवहन विमान हर्कुलस और ग्लोबमास्टर विमानों को भी उड़ाया जाएगा

तेजस की खास बात

तेजस की खास बात

तेजस की खास बात
1-50 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है।

2-हवा से हवा में मार करने वाली डर्बी मिसाइल लगी है तो जमीन पर निशाना लगाने के लिए आधुनिक लेजर गाइडेड बम लगे हुए हैं।
3- विमान का आधिकारिक नाम तेजस 4 मई, 2003 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रखा था.
4-हेलमेट माउंटेड डिस्प्ले और लेजर गाइडेड बम जैसे सटीक निशाना लगाने वाली शस्त्र प्रणालियों से लैस हैं। तोजस देश में बने मिशन कम्प्यूटरों की मदद से बिना निर्देशित बमों को भी लक्ष्य पर सटीक गिराने में सक्षम है।

मिग-29

मिग-29

मिग-29
यह दुश्मन देश के काफी अंदर तक जाकर हमला करने में बेहद सक्षम विमान माना जाता है। यह विशेष एवियोनिक्स सिस्टम से लैस है, यानी इसमें कम्युनिकेशन, नेविगेशन और अन्य सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक मोड में हैं। इसे डेटा हैंडलिंग में सबसे अच्छे तरीके से अपग्रेड किया जाता है।

सुखोई

सुखोई

सन 2002 मे इसे भारतीय वायुसेना मे सम्मिलित कर लिया गया। सन २००४ से इनका निर्माण भारत मे ही हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। इसे 2600 किमी प्रति घण्टे की गति से उड़ती हैं।यह विमान हवा में ईन्धन भर सकता है। इस विमान मे अलग अलग तरह के बम ले जाने के लिये १२ स्थान है। इसके अतिरिक्त इसमे एक ३० मिमि की तोप भी लगी है।

First Published: Tuesday, January 24, 2017 08:40 AM

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