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न्यूज स्टेट ब्यूरो  |   Updated On : September 12, 2019 08:32:49 PM
सांकेतिक चित्र

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ख़ास बातें

  •  सर्टिफाइड लैब में जांच करने पर मसाले में 'साल्मोनेला' बैक्टीरिया होने की पुष्टि हुई है.
  •  इससे डायरिया, पेट में मरोड़ समेत 12 से 72 घंटे में तेज बुखार भी हो सकता है.
  •  खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद तेज बुखार, सिरदर्द, थकान, पेशाब में खून तक आता है.

नई दिल्ली:  

भारत में बेहद लोकप्रिय मसालों के एक ब्रांड को अमेरिका में अपने एक खास मसाले को वापस लेना पड़ा है. दरअसल, अमेरिकी फूड रेग्युलेटर संस्था ने भारत के इस लोकप्रिय कंपनी के सांभर मसाले में 'साल्मोनेला' नाम का बैक्टीरिया पाया है. यूएस फूड एंड ड्रग अथॉरिटी (USFDA) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि सर्टिफाइड लैब में जांच करने पर मसाले में 'साल्मोनेला' बैक्टीरिया होने की पुष्टि हुई है. एफडीए ने इसकी जांच बाजार से आई शिकायत के बाद शुरू की. जांच में बैक्टीरिया की पुष्टि होने के बाद कंपनी ने अपने उन मसालों को वापस मंगा लिया है.

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पहले भी लगा है आयात पर प्रतिबंध
अंग्रेजी समाचार-पत्र इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक भारत की लोकप्रिय मसाला कंपनी के ये उत्पाद उत्तरी कैलिफोर्निया स्थित रिटेल स्टोर में बेचे जा रहे थे. हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब कंपनी के मसालों में अमेरिकी फूड नियामक ने 'साल्मोनेला' बैक्टीरिया होने की शिकायत की है. साल 2016 से 2018 के बीच में इस नियामक ने करीब 20 बार मसालों के आयात पर प्रतिबंध लगाया गया है.

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बैक्टीरिया जनित बीमारी के लक्षण
'साल्मोनेला' बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी के शुरुआती लक्षणों में डायरिया, पेट में मरोड़ समेत 12 से 72 घंटे के अंदर तेज बुखार भी हो सकता है, जो 4 से 7 दिनों के लिए रहता है. अधिकतर मामलों में साल्मोनेलॉसिस के इलाज हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में डायरिया की वजह से अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ सकती है. इसके खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद मरीज को तेज बुखार, सिरदर्द, थकान, पेशाब में खून तक आता है. यह बीमारी बच्चे, व्यस्क या बूढ़ों को हो सकता है, जिनकी रोग प्रतिरोधाक क्षमता यानी इम्यून सिस्टम कमजोर होता है.

First Published: Sep 11, 2019 07:58:41 PM
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