राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक मामलाः खोदा पहाड़ निकली चुहिया

News State Bureau  |   Updated On : April 11, 2019 03:45:39 PM
अमेठी में राहुल गांधी

अमेठी में राहुल गांधी

नई दिल्ली.:  

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक से जुड़े कांग्रेसी नेताओं के दावे की गृह मंत्रालय ने हवा निकाल दी है. एसपीजी के निदेशक के हवाले से गृह मंत्रालय ने कहा, जिस ग्रीन लेजर लाइट की बात कांग्रेस कर रही है, वह दरअसल कांग्रेस मुख्यालय से जुड़े एक फोटोग्राफर के मोबाइल से निकली लाइट थी. उसे ही कांग्रेस नेताओं ने स्नाइपर गन से निकली लाइट समझ लिया.

गृह मंत्रालय ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक पर बयान जारी किया, 'गृह मंत्रालय को अमेठी में 'ग्रीन लाइट' फ्लैश से जुड़ा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सुरक्षा में कथित चूक वाला पत्र नहीं मिला है. हालांकि जैसे ही गृह मंत्रालय के संज्ञान में सुरक्षा में चूक का मामला आया एसपीजी निदेशक से पूरे मामले पर जानकारी मांगी गई. इसके बाद निदेशक एसपीजी ने गृह मंत्रालय को सूचित किया कि वीडियो में दिखाई गई कथित 'ग्रीन लाइट' एक मोबाइल फोन की है, जो कांग्रेस मुख्यालय यानी एआईसीसी हेडक्वार्टर से संबद्ध था. वह अमेठी कलेक्टरेट के बाहर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मीडिया से बातचीत को बगैर किसी पूर्व तैयारी के रिकार्ड कर रहा था.'

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गृह मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि सुरक्षा चूक और कथित ग्रीन लाइट के स्रोत की जांच और उसके निष्कर्ष से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के निजी स्टाफ समेत सुरक्षा दस्ते को सूचित कर दिया गया है. गृह मंत्रालय के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सुरक्षा में कहीं कोई चूक नहीं है. गृहमंत्रालय ने इसके लिए एसपीजी निदेशक के हवाले से बयान जारी किया है.

गौरतलब है कि तीन वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं अहमद पटेल, जयराम रमेश और रणजीप सिंह सुरजेवाला ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर राहुल गांधी के सुरक्षा प्रोटोकाल की समीक्षा की मांग की थी. पत्र में कहा गया था अमेठी में नामांकन दाखिल करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जब मीडिया से मुखातिब थे, तो उनके माथे पर 'ग्रीन लेजर' सात बार चमकते देखी गई. कांग्रेस नेताओं ने कहा है, 'दो बार तो उनकी दांई कनपटी पर लेजर की हरी लाइट फ्लैश होते देखी गई.'

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वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने अपने आरोप पत्र के साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मीडिया से बातचीत का वीडियो भी गृहमंत्री को भेजा था. कांग्रेस नेता का कहना है कि इस वीडियो को देखने के बाद तमाम लोगों खासकर एक पूर्व सुरक्षा अधिकारी ने हरी लाइट को खतरनाक हथियार मसलन स्नाइपर गन की बताया.

First Published: Apr 11, 2019 03:22:23 PM
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