दीया मिर्जा का पीछा करता था लड़का, एक्ट्रेस ने ऐसे सिखाया सबक

IANS/News State Bureau  |   Updated On : January 25, 2020 12:00:54 AM
दीया मिर्जा का पीछा करता था लड़का, एक्ट्रेस ने ऐसे सिखाया सबक

दीया मिर्जा (Photo Credit : फोटो- @diamirzaofficial Instagram )

नई दिल्ली:  

बॉलीवुड एक्ट्रेस-निर्माता दीया मिर्जा (Dia Mirza) ने अपनी जिंदगी के उस दौर को याद किया जब उन्होंने किसी स्टॉकर (पीछा करने वाला या हमेशा नजर रखने वाला) का सामना किया था. दिया ने कहा, 'जब मैं छोटी थी और हैदराबाद में अपने घर में रहती थी तब मैंने भी एक स्टॉकर का सामना किया था.

मैंने उसका सामना करते हुए उससे उसका नाम पूछा. उस वक्त उस लड़के के पास कोई जवाब नहीं था. किसी को भी ऐसे लोगों से घबराने या इनके बारे में किसी को बताने से डरना नहीं चाहिए. इसमें कोई शर्म की बात नहीं है. यह उस समस्या को खत्म करने की क्षमता के साथ हमें सशक्त बनाता है और इससे एक बड़ा बदलाव भी आता है. इस तरह की चीजें बंद होनी चाहिए.'

यह भी पढ़ें: अब कंगना बनेंगी एयरफोर्स पायलट, फिल्म तेजस' का किया ऐलान

दीया (Dia Mirza) का मानना है कि सुरक्षा सिर्फ कानूनी मुद्दा नहीं है.

यह भी पढ़ें: निक जोनास ने प्रियंका चोपड़ा के साथ शेयर की रोमांटिक तस्वीर, लिखा- My favorite...

View this post on Instagram

Safety is not just a law and order issue, it is much more, with its long and firm roots in the mindsets and play of patriarchy. The manifestations of violence can take as horrific a turn as rape. It renders me speechless to hear how young children also fall prey to most heinous of violence and violations. No human rights issue can be solved without addressing gender justice and equality. If half of the population is hugely disadvantaged one way or another, how will India ever be a superpower? This is not just a ‘WOMAN’S Problem, this is a SOCIAL problem, it’s an unfolding tragedy and an everlasting nightmare. This is why being Artist Ambassador to Save The Children India gives me pride and joy. Their Wings report of 2018 and the amazing work they do year round in partnership with ngo’s and gov is inspiring! DYK 1 out of 3 women feel the fear of sexual violence and harassment in public spaces? All public spaces should have proper functional lighting. A review of existing facilities must be undertaken to identify the dark spots. No sustainable development goal can be achieved if our women and children and not safe. #SDG5 #SustainableDevelopmentGoals Swipe left to see the amazing people that were a part of this important panel discussion 🙏🏻 🧡 A special shoutout to our Child Champion Latifa Sheikh 🐯 @savethechildren_india @weareyuvaa @iitbombay_abhyuday @pinthecreep @inbreakthrough @anandntiwari @tanejamainhoon #Tuesday #TuesdayMotivation

A post shared by Dia Mirza (@diamirzaofficial) on Jan 21, 2020 at 2:34am PST

View this post on Instagram

Creativity is connection.

A post shared by Dia Mirza (@diamirzaofficial) on Jan 18, 2020 at 9:45pm PST

दीया मिर्जा (Dia Mirza) ने आगे कहा, 'पितृसत्तात्मकता और दिमाग में मौजूद रूढ़िगत सोच के साथ यह काफी कुछ है. हिंसा की अभिव्यक्ति शारीरिक दुष्कर्म का एक भयावह मोड़ ले सकती है. किशोरों को भी इस तरह की हिंसा और घृणित अपराधों को करते हुए देखना मुझे स्तब्ध कर देता है.' दीया मिर्जा (Dia Mirza) ने गैर सरकारी संगठन सेव द चिल्ड्रेन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में अपनी बात रखी जिसकी दीया एंबेसडर हैं.

First Published: Jan 24, 2020 06:05:04 PM

न्यूज़ फीचर

वीडियो