बैकिंग फ्रॉड मामलों पर RBI का अहम निर्देश, तीन दिन के अंदर की शिकायत तो सारे पैसे होंगे वापस

आरबीआई के अनुसार तीन दिन के भीतर धोखधड़ी की जानकारी देने पर अनअथाराइज्ड इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन में जितनी रकम होगी वो ग्राहक को बैंक खाते में 10 दिनों में क्रेडिट कर दिया जाएगा।

  |   Updated On : July 06, 2017 11:44 PM
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (फाइल फोटो)

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (फाइल फोटो)

नई दिल्ली :  

रिजर्व बैंक ने इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन में होने वाले धोखाधड़ी के मामलों पर ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। आरबीआई के नए निर्देश के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन से जुड़े धोखाधड़ी की जानकारी तीन दिनों के भीतर बैंक को देने से ग्राहकों को कोई नुकसान नहीं होगा।

आरबीआई के अनुसार तीन दिन के भीतर धोखधड़ी की जानकारी देने पर अनअथाराइज्ड इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन में जितनी रकम होगी वो ग्राहक को बैंक खाते में 10 दिनों में क्रेडिट कर दिया जाएगा।

साथ ही अगर धोखधड़ी की जानकारी अगर 4 से लेकर 7 दिन के बाद दी जाती है तो ग्राहको को जरूर 25,000 रुपये तक का नुकसान उठाना होगा।

आरबीआई ने बताया कि अगर अनअथाराइज्ड ट्राजैक्शन की जानकारी ग्राहक बैंक को नहीं देता है या फिर नुकसान खाताधारक की गलती से पासवर्ड़ शेयर करने या अन्य कारण से हुआ तो ग्राहक को होने वाले नुकसान का जिम्मेदार ग्राहक खुद होगा।

यह भी पढ़ें: मोदी सरकार का जीएसटी मज़ाक है, सरकार को इसे 2 महीने टालना था: कांग्रेस

आरबीआई ने कहा है कि बैंकों को ऐसे मामलों में इन्श्योरेंस क्लेम का इंतजार किए बिना सेटलमेंट करना होगा। साथ ही आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया कि उनको कस्टमर के लिए एसएमएस अलर्ट सर्विस लेना अनिवार्य करना चाहिए।

यह भी पढ़ें: जीएसटी: सालाना 20 लाख से कम टर्नओवर वाले कारोबारी को कराना होगा रजिस्ट्रेशन

First Published: Thursday, July 06, 2017 11:26 PM

RELATED TAG: Rbi, Banking Frauds,

देश, दुनिया की हर बड़ी ख़बर अब आपके मोबाइल पर, डाउनलोड करें न्यूज़ स्टेट एप IOS और Android यूज़र्स इस लिंक पर क्लिक करें।

Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो करें

न्यूज़ फीचर

मुख्य ख़बरे

वीडियो

फोटो