छत्‍तीसगढ़ः भूपेश कैबिनेट का फैसला, 13 वर्षों से चल रहे राजिम कुंभ का बदलेगा नाम

News State Bureau  | Reported By : ADITYA NAMDEO |   Updated On : January 09, 2019 10:00:14 AM
कुंभ मेला

कुंभ मेला (Photo Credit : )

रायपुर:  

छत्तीसगढ़ में 13 वर्षों से चल रहे राजिम कुंभ मेला का नाम अब राजिम माघी पुन्नी मेला करने की घोषणा की गई है. राजिम कुंभ का नाम बदलने का प्रस्ताव भी सदन में पेश किया जाएगा. बता दें मंगलवार को कैबिनेट ने राजिम कुंभ का नाम राजिम माघ पुन्नी मेला रखा. प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि माघ पूर्णिमा पर हर साल होने वाले राजिम कुंभ का नामकरण उसके ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप राजिम माघी पुन्नी मेला करने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि राज्योत्सव और इस प्रकार के अन्य सांस्कृतिक आयोजनों में छत्तीसगढ़ के कलाकारों को पहली प्राथमिकता दी जाएगी.

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बता दें कि राजिम मेला को प्रति वर्ष होने वाले कुंभ के नाम से जाना जाता है. यहां माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक 15 दिनों का मेला लगता है. महानदी, पैरी और सोढुर नदी के तट पर लगने वाले इस मेले में मुख्य आकर्षण का केंद्र संगम पर स्थित कुलेश्वर महादेव का मंदिर है.

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2001 से राजिम मेला को राजीव लोचन महोत्सव के रूप में मनाया जाता था. 2005 से इसे कुंभ के रूप में मनाया जाता है. इसकी शुरुआत कल्पवाश से होती है, पंचकोशी यात्रा में श्रद्धालु पटेश्वर, फिंगेश्वर, ब्रम्हनेश्वर, कोपेश्वर तथा चम्पेश्वर नाथ के पैदल भ्रमण कर दर्शन करते हैं. प्रतिवर्ष यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग और स्थानीय आयोजन समिति के सहयोग से होता है.

First Published: Jan 09, 2019 10:00:07 AM
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