BREAKING NEWS
  • प्रयागराज में गंगा-यमुना का रौद्र रूप देख खबराए लोग, खतरे के निशान से महज एक मीटर नीचे है जलस्तर- Read More »
  • जरूरत पड़ी तो UP में भी लागू करेंगे NRC, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ का बड़ा बयान- Read More »
  • India's First SC-ST IAS Officer: जानिए देश के पहले SC-ST आईएएस की कहानी- Read More »

Retirement Planning: तनावमुक्त रिटायरमेंट के लिए इन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी

धीरेंद्र कुमार  |   Updated On : September 11, 2019 11:21:27 AM
रिटायरमेंट प्लानिंग (Retirement Planning) - फाइल फोटो

रिटायरमेंट प्लानिंग (Retirement Planning) - फाइल फोटो

नई दिल्ली:  

Retirement Planning: अगर आप रिटायर होने वाले हैं या फिर रिटायर होने में अभी कुछ साल बाकी हैं तो यह खबर सिर्फ और सिर्फ आपके लिए ही है. इन्वेस्टमेंट गुरुओं (Investment Guru) की मानें तो रिटायरमेंट की प्लानिंग और सेविंग (Saving) बहुत पहले से करना जरूरी है. रिटायरमेंट प्लानिंग एक मुश्किल काम है लेकिन अगर आप सही तरीके से इसकी तैयारी करें तो आपका रिटायरमेंट तनावमुक्त और आनंददायक होगा, इसकी पूरी गारंटी है.

यह भी पढ़ें: EPFO: प्रॉविडेंट फंड (PF) का पैसा शेयर मार्केट में निवेश कर पाएंगे कर्मचारी

एगॉन द्वारा 2015 में की गई ग्लोबल रिटायरमेंट रेडिनेस सर्वे के मुताबिक एक औसत भारतीय कर्मचारी बेहतर रिटायरमेंट की तैयारी में काफी पीछे है. रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय बेहतर रिटायरमेंट के लिए जरूरी रकम का 30 फीसदी कम जमा कर पाते हैं. रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए किन बातों का ख्याल रखें आइये इस पर नजर डालते हैं.

यह भी पढ़ें: 7th Pay Commission: इस राज्य के कर्मचारियों को हुआ बड़ा फायदा, अक्टूबर से मिलेगी बढ़ी सैलरी

रिटायरमेंट के बाद की लाइफस्टाइल के हिसाब से करें बचत
आपकी मौजूदा लाइफस्टाइल (Lifestyle) क्या है और आप रिटायरमेंट के बाद भी क्या उसी तरह की लाइफ चाहते हैं. इसपर भी विचार करना बेहद ज़रूरी है. अगर आपने ये फैसला नहीं किया है कि आपकी रिटायरमेंट कैसी होनी चाहिए, तो आपके लिए यह बेहद मुश्किल होगा कि आपको कितनी रकम बचानी चाहिए, कितनी निवेश करनी चाहिए और कितना खर्च करना चाहिए. इसका उत्तर यह है कि आपको रिटायरमेंट के बाद कितनी रकम की जरूरत होनी है वो तय करें. आमतौर पर रिटायरमेंट की राशि आपके सालाना इनकम का करीब 80 फीसदी कवर होना चाहिए.

यह भी पढ़ें: बुढ़ापे की लाठी है केंद्र सरकार की रिवर्स मॉर्गेज लोन (Reverse Mortgage Loan) स्कीम

पहली नौकरी से ही शुरू करें बचत की आदत
आपकी पहली सैलरी आए तभी से रिटायरमेंट के लिए बचत शुरू करना चाहिए. कैरियर के शुरुआती दौर में आप पर घर का कर्ज, कार लोन जैसी चीजों से मुक्ति रहती है. साथ ही अलग-अलग इंश्योरेंस पॉलिसी (Insurance Policy) प्रीमियम (Premium) भरने का भी बोझ नहीं होता है. ऐसे में रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए यह सबसे सही समय होता है. आप जितना जल्दी तैयारी शुरू कर देंगे उतना कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि) का फायदा आपको मिलेगा. एम्प्लॉयी प्रॉविडेंट फंड (Employees Provident Fund Organisation-EPFO) बचत करने के लिए सबसे सुरक्षित जरिया है. बचत के नियम के मुताबिक हमेशा मासिक सैलरी का कम से कम 30 फीसदी बचत किया जाना चाहिए.

यह भी पढ़ें: सातवां वेतन आयोग (7th Pay Commission): अब यहां महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) को लेकर हुआ ये बड़ा फैसला

भविष्य में महंगाई बढ़ने को लेकर करें तैयारी
मान लीजिए मौजूदा समय में किसी उत्पाद की कीमत आज 50 रुपये है. तो 7 फीसदी सालाना महंगाई दर (Inflation Rate) से इसी उत्पाद की कीमत 30 साल में 382 रुपये हो जाएगी. जानकार के मुताबिक बचत करते समय महंगाई को ज़रूर ध्यान में रखना चाहिए. ताकि आप भविष्य में महंगाई को मात दे सकें. इसी तरह, इकोनॉमी (Economy) में मंदी (Slowdown) की स्थिति से निपटने के लिए आपके पास पर्याप्त बचत (Saving) और निवेश (Investment) होना चाहिए.

यह भी पढ़ें: आयकर विभाग (Income Tax Department) खुद जारी कर देगा आपका पैन कार्ड (Pan Card)

सही हेल्थ इंश्योरेंस का करें चुनाव
समय रहते सही और पर्याप्त हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) का चुनाव करें. सही हेल्थ इंश्योरेंस नहीं लेने पर भविष्य में अचानक हुई बीमारियों के लिए आपको काफी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है. सबसे खास बात यह है कि अपने स्वास्थ्य को लेकर हमेशा सतर्क रहें और कभी भी अनदेखी नहीं करें.

यह भी पढ़ें: बीमा के क्षेत्र में धमाका करने को तैयार LIC, लेकर आया ऑनलाइन टर्म प्लान

अपने पोर्टफोलियो का डाइवर्सिफिकेशन करें
लोगों को अपने पोर्टफोलियो (Portfolio) का डाइवर्सिफिकेशन (Diversification) करना चाहिए. हालांकि फिक्स्ड डिपॉजिट सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश का विकल्प है, लेकिन इन योजनाओं में जो रिटर्न मिलता है वो तकरीबन 7-8 फीसदी के बीच ही रहता है. वहीं शेयर बाज़ार और डाइवर्सिफाइड विकल्प जैसे यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) और म्यूचुअल फंड (MF) में रिटर्न काफी अधिक मिलने की संभावना रहती है. अंत में सबसे जरूरी बात जब तक बहुत ज्यादा जरूरी नहीं हो, रिटायरमेंट फंड के पैसे का कहीं और इस्तेमाल नहीं करें. बेहतर जगह निवेश करके आप तनावमुक्त रिटायरमेंट का आनंद ले सकते हैं.

First Published: Sep 11, 2019 11:16:24 AM
Post Comment (+)

न्यूज़ फीचर

वीडियो