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नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार EPFO के फंड को लेकर कर सकती है बड़ा फैसला, 6 करोड़ कर्मचारियों पर होगा बड़ा असर

न्यूज स्टेट ब्यूरो  |   Updated On : September 20, 2019 12:04:09 PM
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) - फाइल फोटो

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) - फाइल फोटो (Photo Credit : )

नई दिल्ली:  

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO): प्रॉविडेंट फंड (PF), पेंशन (Pension) और इंश्योरेंस स्कीम (Insurance Scheme) के 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के फंड का कंट्रोल अब बदल सकता है. बता दें कि मौजूदा समय में इस फंड का प्रबंधन श्रम मंत्रालय के पास है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब श्रम मंत्रालय ने इस फंड को एक केंद्रीय संस्था को सौंपने का प्रस्ताव दिया है और केंद्र सरकार इस केंद्रीय संस्था के चेयरमैन की नियुक्ति करेगी. इस फैसले के बाद श्रम मंत्री EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के चेयरमैन नहीं रहेंगे.

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सोशल सिक्यॉरिटी कोड पर एक नया ड्राफ्ट पेश किया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रम मंत्रालय ने सोशल सिक्यॉरिटी कोड (Social Security Code) पर एक नया ड्राफ्ट पेश किया है. इस ड्राफ्ट के तहत मौजूद 8 श्रम कानूनों में बदलाव किया जाएगा. EPFO की स्कीम के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज बनाया जाएगा. श्रम मंत्रालय ने तीनों स्कीम के लिए केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए सेंट्रल बोर्ड को देने का प्रस्ताव दिया है. मौजूदा और सभी नए कर्मचारियों को सोशल सिक्योरिटी कोड 2019 के तहत नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) में शामिल होने का विकल्प दिए जाने का सुझाव है.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार की ओर से नियुक्त चेयरमैन, वाइस चेयरमैन के अतिरिक्त सरकार के 5 प्रतिनिधि, विभिन्न राज्य सरकारों के 15 प्रतिनिधि, एंप्लॉयर्स और कर्मचारियों के 10 प्रतिनिधि भी सेंट्रल बोर्ड (Central Board) में शामिल किए जाएंगे. श्रम मंत्रालय ने इस ड्राफ्ट कोड पर संबंधित पक्षों (Stakeholders) से 25 अक्टूबर तक टिप्पणियां मांगी है. इस प्रक्रिया के बाद कोड का अंतिम रूप देने के लिए विचार विमर्श किया जाएगा.

First Published: Sep 20, 2019 11:57:25 AM
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