वर्ष 2018-19 में वनस्पति तेल का आयात 3.5 प्रतिशत बढ़कर 155.5 लाख टन

Bhasha  |   Updated On : November 15, 2019 04:41:03 PM
वर्ष 2018-19 में वनस्पति तेल का आयात 3.5 प्रतिशत बढ़कर 155.5 लाख टन

वर्ष 2018-19 में वनस्पति तेल का आयात 3.5 प्रतिशत बढ़कर 155.5 लाख टन (Photo Credit : फाइल फोटो )

दिल्ली:  

देश में वनस्पति तेलों (Edible Oil) का आयात में अक्टूबर में समाप्त हुए विपणन वर्ष 2018-19 में 3.5 प्रतिशत बढ़कर 155.5 लाख टन रहा. वर्ष के दौरान विशेष रूप से रिफाइंड तेलों का आयात ऊंचा रहा. वनस्पति तेलों (खाद्य और अखाद्य तेलों) का आयात पिछले वर्ष में 150.26 लाख टन का हुआ था. सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (Solvent Extractors Association-SEA) ने एक बयान में कहा कि विपणन वर्ष 2018-19 (नवंबर-अक्टूबर) में खाद्य तेल (Edible Oil) का आयात बढ़कर 149.13 लाख टन रहा. इससे पिछले साल आयात 145.16 लाख टन था. इसी दौरान अखाद्य तेओं का आयात बढ़कर 6,36,159 टन हो गया जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 5,09,748 टन था.

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रिफाइंड तेल के इंपोर्ट में बढ़ोतरी
रिफाइंड तेल का आयात 2017-18 के मुकाबले 21.36 लाख टन के मुकाबले 2018-19 में 27.31 लाख टन रहा. समीक्षाधीन अवधि में कच्चे खाद्य तेल का आयात गिरकर 123.81 लाख टन रह गया जो इससे पिछले वर्ष की समान अवधि में 121.82 लाख टन था. वर्ष के दौरान घरेलू रिफाइंड खाद्य तेल उद्योग की स्थापित क्षमता का उपयोग घटकर 46 प्रतिशत रह गया है. साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने वर्ष 2014-15 के दौरान हुए 1.9 लाख टन अखाद्य तेल के आयात के मुकाबले वर्ष 2018-19 में आयात 6.4 लाख टन के ‘खतरनाक स्तर’ तक पहुंचने के प्रति चिंता व्यक्त की है. यह साल दर साल 35.47 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है.

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पांच वर्षों के दौरान खाद्य तेल का इंपोर्ट बढ़ी: SEA
साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान, खाद्य तेल का समग्र आयात 0.84 प्रतिशत के सीएजीआर की दर से बढ़ा. कच्चे और रिफाइंड तेलों के बीच प्रतिकूल शुल्क ढांचा होने की वजह से रिफाइंड पामोलीन का आयात वर्ष 2014-15 के 16.6 लाख टन से बढ़कर वर्ष 2016-17 में 28.7 लाख टन हो गया. उसके बाद वर्ष 2017-18 में आयात घटकर 21.3 लाख टन रह गया, लेकिन उसके बाद फिर वर्ष 2018-19 में यह बढ़कर 27.3 लाख टन हो गया. एसईए ने एक बयान में कहा, ‘‘आरबीडी पामोलीन के अधिक आयात के कारण, कच्चे पाम तेल का आयात वर्ष 2014-15 के 77.2 लाख टन से घटकर वर्ष 2018-19 में 65.3 लाख टन रह गया.

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सोयाबीन तेल का आयात लगभग 30 लाख टन (वर्ष 2015-16 को छोड़कर) स्थिर है, जबकि सूरजमुखी के तेल का आयात साल दर साल बढ़ रहा है और वर्ष 2017-18 में 25.2 लाख टन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है. तेल वर्ष 2018-19 के दौरान, पाम तेल का आयात (कच्चा और रिफाइंड दोनों) बढ़कर 94.09 लाख टन हो गया जो पिछले वर्ष के दौरान 87.01 लाख टन ही था. हल्के तेल (सोयाबीन, पाम और रेपसीड आदि) का आयात घटकर 55.04 लाख टन रह गया जो पहले 58.16 लाख टन था.

First Published: Nov 15, 2019 04:41:03 PM
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