Union Budget 2019: इस बजट ने बदल दिया था टैक्स का ढांचा, साथ ही बदल दी देश की तस्वीर

News State Bureau  |   Updated On : July 05, 2019 10:59:02 AM
Union Budget 2019

Union Budget 2019 (Photo Credit : )

नई दिल्ली:  

Union Budget 2019: 15 मई 1957 को पेश हुए बजट ने देश की तस्वीर बदलने का काम किया था. इस बजट की खास बात ये थी कि इसमें देश में एक टैक्स ढांचा सामने आया था. तत्कालीन वित्त मंत्री टीटी कृष्णामचारी ने इस बजट को पेश किया था.

यह भी पढ़ें: Union Budget 2019: बजट के दिन ब्रीफकेस लाने की दिलचस्प कहानी, जानें यहां

बजट में क्या हुआ था निर्णय
इस बजट में इंपोर्टर लाइसेंस सिस्टम के जरिए आयात पर कई प्रतिबंध लगाए गए थे. वहीं दूसरी ओर निर्यात को बढ़ावा देने के लिए रिस्क इंश्योरेंस कॉर्प का गठन किया गया था. साथ ही वेल्थ टैक्स की शुरुआत भी हुई थी. इसी बजट से रेल टिकट पर भी टैक्स का प्रावधान किया गया था.

यह भी पढ़ें: Rail Budget 2019: इस बार के बजट में नई ट्रेन के ऐलान की संभावना कम, जानें क्या-क्या हो सकता है ऐलान

400 फीसदी तक बढ़ाई गई एक्साइज ड्यूटी
इस बजट में एक्साइज ड्यूटी में 400 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई. आयकर की दर में बढ़ोतरी की गई. साथ ही बजट में पहली बार एक्टिव इनकम (सैलरी और बिजनेस) और पैसिव इनकम (ब्याज और किराया) की परिभाषा को भी तय किया गया था.

यह भी पढ़ें: Union Budget 2019: जय किसान ! मोदी 2.0 के पहले बजट में कृषि को गति मिलने की उम्मीद

भारत पर पड़ा था नकारात्मक असर
इंपोर्ट पर रोक और ज्यादा टैक्स की वजह से देश की आर्थिक हालात काफी बिगड़ गई थी. चालू खाता घाटा काफी बढ़ गया था. बता दें कि वित्त मंत्री टीटी कृष्णामचारी ने IDBI बैंक, इंडस्ट्रियल क्रेडिट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, UTI और दामोदर घाटी कॉरपोरेशन के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

First Published: Jul 05, 2019 10:56:16 AM
Post Comment (+)

न्यूज़ फीचर

वीडियो