PMC के बाद कर्नाला कोऑपरेटिव बैंक में करोड़ों रुपये का घोटाला, मुंबई पुलिस ने 76 लोगों के खिलाफ दर्ज की FIR

News State Bureau  |   Updated On : February 18, 2020 10:17:35 PM
PMC के बाद कर्नाला कोऑपरेटिव बैंक में करोड़ों रुपये का घोटाला, 76 लोगों के खिलाफ FIR

कर्नाला सहकारी बैंक (Photo Credit : न्यूज स्टेट )

मुंबई:  

PMC बैंक के बाद महाराष्ट्र के कर्नाला को-ऑपरेटिव बैंक में महाघोटाला सामने आया है. बैंक में 512 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है. नवी मुंबई पुलिस ने 76 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत FIR दर्ज की है.  वहीं इससे पहले सहकारी बैंक PMC में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ था. उसके कुछ महीनों बाद कर्नाला सहकारी बैंक में घोटाला सामने आया है. 

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वहीं इससे पहले पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ओपरेटिव बैंक के पूर्व प्रबंधन और एचडीआईएल के प्रवर्तकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. मुंबई पुलिस ने ये एफआईआर रिजर्व बैंक की तरफ से नियुक्त किए गए प्रशासक की शिकायत के आधार पर दर्ज की. पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ओपरेटिव बैंक के पूर्व प्रबंधन और एचडीआईएल के प्रवर्तकों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का आरोप है. जिसके बाद पुलिस आर्थिक अपराध शाखा ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंक के पूर्व चेयरमैन वरयाम सिंह, प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा एचडीआईएल के निदेशक वाधवन का नाम एफआईआर में है. बताया जा रहा है कि 2008 से बैंक का घाटा 4,355.46 करोड़ का हो चुका है. खबरों के मुताबिक आरोप है कि एचडीआईएल के प्रवर्तकों ने बैंक प्रबंधन के साथ मिलकर भांडुप शाखा से लोन लिया. लोन का भूगतान न कर पाने के बावजूद एचडीआईएल को एनपीए के रूप वर्गीकृत नहीं किया गया और इस चीज को आरबीआई से भी छिपाया.

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आरोप है कि इन लोगों ने कंपनी के नकली खाते भी बनाए जिन्होंने छोटे-छोटे कर्ज लिए. इतना ही नहीं बैंक की जाली रिपोर्ट भी बनाई गई ताकि कंपनी नियामक निगरानी से बच सके. पुलिस की आर्थिक आपराधिक शाखा ने प्रशासक की शिकायत के बाद इन सभी लोगों पर आईपीसी की धारा 409, 420, 465, 466 और 471 के तहत शिकायत दर्ज की गई है. इसके अलावा धारा 120 बी के तहत केस दर्ज किया गया है.

First Published: Feb 18, 2020 05:07:18 PM

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