झारखंड चुनाव : डैमेज कंट्रोल पर काम कर रही बीजेपी, दिग्गजों के सहारे 'दंगल' जीतने की तैयारी

आईएएनएस  |   Updated On : November 20, 2019 08:46:03 AM
झारखंड चुनाव : दिग्गजों के सहारे डैमेज कंट्रोल पर काम कर रही बीजेपी

झारखंड चुनाव : दिग्गजों के सहारे डैमेज कंट्रोल पर काम कर रही बीजेपी (Photo Credit : File Photo )

रांची:  

झारखंड विधानसभा चुनाव की घोषणा और उसके बाद टिकट बंटवारे को लेकर उपजे असंतोष के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब 'डैमेज कंट्रोल' में जुट गई है. भाजपा अब दिग्गजों के भरोसे झारखंड विधानसभा चुनाव फतह करने की कोशिश में है. सूत्रों के अनुसार, भाजपा को चुनावी मझधार पार कराने के लिए प्रधानमंत्री अब यहां छह से आठ चुनावी सभाओं को संबोधित कर सकते हैं. भाजपा के टिकट बंटवारे से नाराज कई 'अपने' बगावत कर दूसरे दलों में चले गए और वे वहां से टिकट लेकर चुनावी मैदान में भाजपा प्रत्याशियों के खिलाफ खम ठोंक रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि सरयू राय सरीखे नेता के पार्टी छोड़ने और ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) का साथ छूट जाने का प्रभाव इस चुनाव में न पड़े, इसके लिए भाजपा ने डैमेज कंट्रोल प्रारंभ कर दिया है.

यह भी पढ़ें : इमरान खान की कुर्सी हिलाने वाले मौलाना फजलुर रहमान बोले, अब दिन गिनना शुरू करें

पार्टी अब अपने स्टार प्रचारकों को अधिक से अधिक क्षेत्रों में पहुंचाने की कोशिश में जुटी है. भाजपा के झारखंड प्रदेश महामंत्री दीपक प्रकाश ने आईएएनएस को बताया, "पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 21 नवम्बर को लातेहार के मनिका और लोहरदगा में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे. जबकि उसके अगले दिन यानी 22 नवंबर को पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष ज़ेपी नड्डा चुनावी मोर्चा संभालने झारखंड पहुंचेंगे. नड्डा लातेहार में जनसभा को संबोधित करेंगे तथा उसके बाद पलामू में विधानसभा कोर समिति की बैठक लेंगे, जहां पार्टी के नेताओं को चुनावी टिप्स देंगे."

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी 22 नवंबर को ही पलामू जिले के विश्रामपुर में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद वह उसी दिन राजधानी रांची में पत्रकारों से बात करेंगे.

भाजपा के एक नेता के अनुसार, प्रदेश भाजपा अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी अधिक से अधिक समय प्रचार के लिए चाहती है. पहले भाजपा की रणनीति प्रधानमंत्री की यहां चार-पांच चुनावी सभाएं आयोजित करने की थी, लेकिन अब इन चुनावी सभाओं की संख्या बढ़ा कर आठ-नौ की जा सकती हैं. सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री 25 नवंबर को पलामू और गुमला में सभाएं कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें : महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन पर आज संसद में रिपोर्ट पेश करेंगे गृह मंत्री अमित शाह

भाजपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी राष्ट्रीय मुद्दों को तो चुनाव में उठाएगी ही, परंतु स्थानीय मुद्दों को ज्यादा तरजीह दी जाएगी. भाजपा ने चुनावी गतिविधियों पर नजर रखने लिए रांची में वार रूम बनाया है, जहां से चुनावी गतिविधियों को समझा जा सकता है.

सूत्रों के अनुसार, भाजपा इस चुनाव में आदिवासी बहुल सीटों पर ज्यादा ध्यान दे रही है. यही कारण है कि संथाल परगना क्षेत्रों पर भाजपा के नेता पूरा जोर लगाए हुए हैं. भाजपा इस चुनाव में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी चुनावी सभाओं के लिए उतारेगी. इसके अलावा बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के सांसदों को भी झारखंड में प्रचार में उतारने की योजना है. बिहार के कई नेता और कार्यकर्ता पहले से ही झारखंड के चुनावी अभियान में उतरे हुए हैं.

यह भी पढ़ें : महाराष्ट्र में क्यों नहीं बन रही सरकार? कहीं उद्धव ठाकरे का पुत्रमोह तो नहीं जिम्मेदार

गौरतलब है कि 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा के चुनाव के लिए 30 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच पांच चरणों में मतदान होने हैं. नतीजे 23 दिसंबर को आएंगे.

First Published: Nov 20, 2019 08:46:03 AM
Post Comment (+)

न्यूज़ फीचर

वीडियो