ममता का केंद्र को जवाब, हिम्मत है तो में बंगाल में शुरू करे एनआरसी

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कोलकाता:

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को भाजपानीत केंद्र सरकार पर असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के नाम पर लोगों को देश से निकालने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हिम्मत हो तो केंद्र ऐसी ही कवायद बंगाल में कर के दिखाए। तृणमूल कांग्रेस की छात्र शाखा, तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस पर यहां एक समारोह में ममता ने कहा, 'वे (भाजपा) असम से लोगों को गलत तरीके से निकालने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग ऐसी ही कवायद से बंगाल से भी लोगों को निकालने की धमकी दे रहे हैं। मैं उन्हें चुनौती देती हूं कि वे हम पर एक उंगली रख कर दिखाएं। उन्हें पता चल जाएगा कि बंगाल किस मिट्टी का बना है।'

मुख्यमंत्री ने कहा, 'बंगाल ने असम की स्थिति का विरोध किया है और करता रहेगा। हम सभी भारतीय नागरिक हैं। अगर वे एक भी भारतीय नागरिक को निकालने की कोशिश करेंगे तो हम उन्हें नहीं बख्शेंगे।' ममता ने कहा कि जो लोग दूसरे परिवारों की तीन पीढ़ियों का जन्म विवरण मांग रहे हैं, उन्हें पहले अपने परिवार का रिकार्ड जमा कराना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'वे हमारी माताओं, नानियों-दादियों के जन्मदिन का विवरण मांग रहे हैं। क्या उन्हें अपनी मां, नानी-दादी या परनानी-परदादी का जन्मदिन याद है?'

तृणमूल प्रमुख ने कहा, 'वे कह रहे हैं कि यह कवायद (एनसीआर की) बंगाल में भी करेंगे। मैं देखना चाहती हूं कि किसमें ऐसा करने की हिम्मत है। हम बंगाल टाइगर हैं। यह इतना आसान नहीं होगा। यहां कुछ शुरू करने से पहले यह याद कर लो कि 2019 में तुम्हारे दिन खत्म होने वाले हैं। भाजपा 2019 में खत्म हो जाएगी।'

केंद्र सरकार पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि देश को तोड़ने की साजिश हो रही है। मौजूदा सरकार के तहत कई घोटालों और महंगाई के कारण आम लोगों का जीवन तबाह हो रहा है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए देश में आपातकाल जैसे हालात पैदा कर दिए गए हैं। विपक्षी नेताओं को परेशान (डिस्टर्ब) किया जा रहा है, धमकाया जा रहा है।

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