शादी के रिश्तों के बीच नहीं आती पार्टनर की 'दिव्यांगता' की दीवार: सर्वे

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नई दिल्ली:

आजकल के रिश्तों में बढते तनाव की खबरों की बीच हाल ही में हुए एक सर्वे किरण की नई उम्मीद जताता है। हाल ही में हुआ एक सर्वे बताता है कि लोग अपनी दिव्यांगता या अपने साथी के विकारों को रिश्तों की दीवार नहीं मानते है। सर्वे के मुताबिक लोग अपने पार्टनर को उनकी दिव्यांगता के साथ स्वीकार करने में हिचकते नहीं है।

विकलांग लोगों के मैच मेकिंग प्लेटफॉर्म इनक्लोव ने भारत के 300 शहरों में 30,000 लोगों के दिव्यांगों और स्वास्थ्य विकारों के बीच एक सर्वेक्षण किया। भाग लेने वाले आयु वर्ग 18 से 30 साल तक थे।

सर्वेक्षण में पाया गया कि 61 प्रतिशत लोग अपनी या अपने साथी की दिव्यांगता के साथ खुश है।

इस सर्वे में पाया गया है, 61 प्रतिशत लोग 20-30 साल के आयु वर्ग में है और 30-40 आयु वर्ग में 18.1 प्रतिशत है। इससे यह पता चलता है कि दिव्यांगता को लेकर युवाओं में भी किसी भी तरह की हीनभावना नहीं होती है।

पुरानी सामाजिक मान्यताओं में कहा जाता था दिव्यांग लोगो की शादी नहीं हो सकती,ऐसे में उन्हें अपना जीवन अकेले ही बिताने के बारे में सोचना चाहिए। लेकिन यह सर्वे बताता है कि 78 प्रतिशत लोग सक्रिय रूप से शादी और डेटिंग के माध्यम से एक साथी की कर रहे है।

इस प्लेटफार्म पर 50 फीसदी लोग सक्रिय रूप से शादी, 15 फीसदी दोस्ती और 13.5 फीसदी डेटिंग की तलाश में हैं।

जब जीवनशैली और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि की बात आती है, तो 61.5 प्रतिशत अभी भी अपने परिवारों के साथ रहते हैं, जबकि 28.1 प्रतिशत अकेले रहते हैं।

इनक्लोव के सह-संस्थापक शंकर श्रीनिवासन ने कहा, 'समुदाय के रूप में हमारा मुख्य दृष्टिकोण सकारात्मक अनुभवों के बीच सहयोग खोजने में मदद करने के लिए दिव्यांग लोगों के लिए एक समावेशी मंच बनाना है। इस सर्वेक्षण के माध्यम से, हम उन्हें थोड़ा गहराई से समझना चाहते थे और कुछ लोकप्रिय मिथकों और पूर्वाग्रहों को परेशान करने में मदद करते थे।'

'हम समुदाय को बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए इसे नियमित प्रयास करने और ट्रैक में बदलाव और प्रगति करने की योजना बना रहे हैं।'

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