हमारे खिलाफ कार्रवाई का साहस दिखाएं अमरिंदर: बादल

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नई दिल्ली:

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने रविवार को मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को चुनौती दी कि यदि अपवित्रीकरण के मुद्दे पर उनके आरोपों में जरा भी सच्चाई है तो वह उनके खिलाफ किसी अदालत में मुकदमा चलाने की हिम्मत दिखाएं।

बादल ने अपनी पार्टी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और गठबंधन सहयोगी बीजेपी की तरफ से अबोहर कस्बे में आयोजित एक रैली में कहा, 'यदि आपके पास नैतिकता और राजनीतिक साहस है, तो आप हमारे खिलाफ जो भी सबूत जुटा सकते हैं उसके आधार पर हमारे खिलाफ अदालत में जाइए।'

वयोवृद्ध अकाली नेता ने कहा कि अपवित्रता के मुद्दे पर शिअद के खिलाफ ईश निंदा का अमरिंदर सिंह का आरोप 'पवित्र गुटका' साहिब की शपथ लेते समय झूठे वादों के जरिए किए गए उनके अपवित्रता के अपराध से लोगों का ध्यान हटाने की एक कोशिश मात्र है।'

उन्होंने कहा, 'अमरिंदर सिंह अपनी सरकार की सभी मोर्चो पर विफलता से जनता का ध्यान हटाने के लिए तुच्छ और नकारात्मक राजनीति में लिप्त हैं, जिसमें किसानों की ऋण माफी, नशा मुक्ति, रोजगार, और वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल हैं।'

वर्ष 2015 में शिअद-बीजेपी सरकार के दौरान गुरु ग्रंथ साहिब को अपवित्र किए जाने की घटना का जिक्र करते हुए बादल ने कहा, 'गुरु ग्रंथ साहिब हमें हमारी जान से भी प्यारे हैं। हम पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मान, गरिमा और महिमा की हिफाजत के लिए लाखों बादल और लाखों सुखबीर बादल को कुर्बान कर सकते हैं। जिन लोगों ने पवित्र हरमिंदर साहिब में टैंक घुसाए और अकाल तख्त साहिब को (अमृतसर में 1984 में) नष्ट किया, वे भी क्या गुरु ग्रंथ साहिब के प्रति हमारी भावना और समर्पण को समझ सकते हैं?'

गौरतलब है कि कांग्रेस सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजीत सिंह आयोग ने पिछले महीने अपनी रपट विधानसभा में पेश की थी, जिसमें वर्ष 2015 में कोटकापुरा कस्बे में प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया गया है। आयोग ने कहा है कि पुलिस कार्रवाई बगैर उकसावे के की गई, जो अवांछित और अनावश्यक थी।

पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने गोलीबारी की उचित जांच कराने और पुलिस को बल प्रयोग का आदेश देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की गुरुवार को मांग की थी।

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