राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के फाइनल में हरियाणा की 9 मुक्केबाज

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नई दिल्ली:

पहली बीएफआई सब जूनियर गर्ल्स नेशनल मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में गुरुवार को हरियाणा का वर्चस्व जारी रहा और इस राज्य की कुल नौ मुक्केबाजों ने फाइनल में प्रवेश किया। हरियाणा की मुक्केबाजों के अलावा, तमिलनाडु की एम. लोशिनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 36 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में जगह बनाई। लोशिनी ने अरुणाचल प्रदेश की संजना को 5-0 से हराया।

तमिलनाडु और अरुणाचल की मुक्केबाजों के बीच जोरदार भिड़ंत हुई। लोशिनी ने शानदार तकनीकी और जोरदार पंचों के दम पर अपने प्रतिद्वंद्वी से दूरी बनाए रखते हुए एकतरफा जीत हासिल की। सभी पांच जजों ने लोशिनी के पक्ष में फैसला दिया। खिताब के लिए लोशिनी का सामना हरियाणा की निशा से होना है।

निशा ने झारखंड की श्वेता को 5-0 से हराया। निशा के अलावा हरियाणा की आठ मुक्केबाज फाइनल में पहुंचने मे सफल रहीं।

शुक्रवार को होने वाले फाइनल में पहुंचने वाली हरियाणा की अन्य मुक्केबाजों में मुस्कान (34 किलोग्राम ), परिणिता (38 किलोग्राम ), प्राची किन्हा (40 किलोग्राम), प्रीची (42 किलोग्राम), तमन्ना (44 किलोग्राम), सिमरन (50 किलोग्राम), आंचल सैनी (52 किलोग्राम), प्रीति दहिया (57 किलोग्राम) और प्रांजल यादव (63 किलोग्राम) शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने अपने लिए कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है।

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महाराष्ट्र की श्रेया को 44 किलोग्राम भारवर्ग में उत्तराखंड की मोनिका के हाथों 1-4 से हार मिली। महाराष्ट्र की देविका (42 किलोग्राम), मधुरा (54 किलोग्राम) और सना (60 किलोग्राम) ने फाइनल में जगह बना ली है। देविका और मधुरा ने अपनी प्रतिद्वंद्वियों को 5-0 से हराया जबकि सना को स्पिलिट डिसीजन के आधार पर फाइनल में जगह मिली।

सुबह के सत्र की समाप्ति के बाद दिल्ली की सिया ने 38 किलोग्राम भारवर्ग में अपनी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ आरएससी डिसीजन के आधार पर जीत हासिल की। वह फाइनल में पहुंच गई हैं। दिल्ली की एक अन्य मुक्केबाज रिया रावत को हालांकि चौंकाने वाली हार मिली। हिमाचल प्रदेश की कशिश ने रिया को हराकर फाइनल में जगह बनाई।

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