सबसे बड़ा मुद्दा : क्या योगी आदित्यनाथ की चेतावनी के बाद सुधरेगी यूपी की अफसरशाही?

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लखनऊ:

उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से कई बार मिली चेतावनी और काम में पारदर्शिता लाने की हिदायत के बाद क्या राज्य की अफसरशाही में फैली भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगी? योगी आदित्यनाथ सरकार ने अफसरों को कार्यशैली में बदलाव करने के संदेश देते हुए सख्त शब्दों में चेतावनी दी है कि जांच के बाद भ्रष्टाचार में शामिल पाए गए अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती से उत्तर प्रदेश की अफसरशाही में सुधर जाएगी? इसी मुद्दे पर आज अपने पसंदीदा चैनल न्यूज स्टेट (उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड) पर शाम 08:30 बजे देखिए 'सबसे बड़ा मुद्दा' में बड़ी बहस और आप भी ट्विटर और फेसबुक के जरिए अपने सवालों को उठा सकते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 15 वर्षों में इस प्रदेश के अंदर कार्य संस्कृति को कुछ लोगों ने नष्ट किया है और बर्बाद किया है, ये नष्ट करने वाले लोगों के लिए उनकी स्क्रीनिंग जरूरी है ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 15 सालों में प्रदेश का बंटाधार हो गया, भ्रष्टतंत्र की वजह से सूबे का विकास अधर में लटक गया। ऐसे में भ्रष्ट अधिकारियों को घर वापस भेजकर नए लोगों को मौका दिया जाएगा।

आदित्यनाथ ने कहा, 'जो लोग आज प्रदेश के लिए बोझ बन चुके हैं, जिन लोगों ने अपने अनिर्णय के कारण, अपने भ्रष्टाचार के कारण प्रदेश को बदनाम किया है, मैंने कहा इन सब की स्क्रीनिंग करो, इनको घर भेजो, नए लोगों को अवसर दो, कम से कम प्रदेश की ये नई प्रतिभा प्रदेश को नई ऊर्जा दे पाएगी।'

हालांकि विपक्ष यूपी सरकार को ही जनता पर बोझ बता रही है। वह सरकार पर ध्यान भटकाने का आरोप लगा रही है।

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बता दें कि यूपी की अफसरशाही पर पहले भी आरोप लगते रहे हैं कि वो अपनी ही गति से काम करने की आदी रही है। ऐसे में बड़ा सवाल तो यही है कि क्या सीएम की चेतावनी के बाद अधिकारी अपने रवैये में सुधार लाएंगे और क्या सीएम के सख्त रवैये का असर यूपी की सेहत पर भी दिखेगा? जुड़िए न्यूज स्टेट के साथ रात 08:30 बजे अनुराग दीक्षित के साथ।

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