महाराष्ट्र एटीएस ने हिंदू कार्यकर्ता को किया गिरफ्तार, विस्फोटक समाग्री बरामद

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नई दिल्ली:

महाराष्ट्र आतंकवाद-निरोधक दस्ता (एटीएस) ने हिंदू जनजागरण समिति (एचजेएस) के एक दक्षिणपंथी कार्यकर्ता को शुक्रवार तड़के गिरफ्तार कर लिया और उसके पालघर स्थित घर से कुछ विस्फोटक सामग्री बरामद की। एक अधिकारी ने बताया कि कार्यकर्ता की पहचान वैभव राउत के रूप में हुई है। इससे पहले माना जा रहा था कि वह दक्षिणपंथी समूह सनातन संस्था का कार्यकर्ता है। उसकी गिरफ्तारी नाला सोपारा कस्बे में एक छापेमारी के बाद की गई। एटीएस ने हिंदू समूह के सदस्य को पकड़ने के लिए खोजी कुत्तों का इस्तेमाल किया।

राउत को पालघर से मुंबई ले जाया गया और बाद में उसे अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।

एटीएस ने नाला सोपारा के भंडाराली इलाके में स्थित उसके घर और दुकान पर छापे के दौरान कुछ बम बनाने वाली सामग्री बरामद की है, जिसमें डेटोनेटर्स, विस्फोटक पाउडर आदि शामिल हैं।

Early morning visuals from Vaibhav Raut's residence in Mumbai's Nala Sopara area from where Anti-Terrorism Squad (ATS) recovered some suspicious material yesterday. Vaibhav Raut detained. More details awaited. #Maharashtra pic.twitter.com/fVeZVQRuAc

— ANI (@ANI) August 10, 2018

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उसके घर से विस्फोटक मिलने का कारण फिलहाल पता नहीं चल पाया है। राउत को पालघर से मुंबई ले जाया गया है, जहां उसे बाद में अदालत में पेश किया जाएगा। 

हिंदू जनजागरण समिति ने राउत को सच्चा हिंदू बताते हुए उसकी गिरफ्तारी को 'मालेगांव 2' बताया और कहा कि वह हिंदू गोवंश रक्षा समिति का सक्रिय गौ-रक्षक (गाय रक्षक) है।

समिति के महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के संयोजक सुनील घनवत ने कहा, 'वह एचजेएस के तत्वाधान में हिंदू संगठनों को एकजुट करने के लिए विरोध प्रदर्शनों और कार्यक्रमों में भाग लेते थे।'

समिति के प्रमुख ने कहा कि हालांकि, पिछले कुछ महीनों से उसने किसी भी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया था।

घनवत ने कहा, 'हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को बेवजह प्रताड़ित करना और झूठे मामलों में उन्हें फंसाना कोई नई बात नहीं है। मालेगांव (2008 विस्फोट) मामले से और सनातन संस्था के कई निर्दोष कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से यह कई बार साबित हो चुका है।'

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इससे पहले शुक्रवार को, राउत के वकील संजीव पुन्हालेकर ने भी मीडिया को बताया कि राउत सनातन संस्थान के कार्यकर्ता नहीं हैं और उनका नाम जानबूझकर संगठन को बदनाम करने के लिए जोड़ा जा रहा है। 

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