शिमला में 8 दिन से पानी का संकट, स्थानीय लोगों के साथ टूरिस्ट भी परेशान

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नई दिल्ली:

पहाड़ों की रानी और टूरिस्टों की फेवरेट प्लेस शिमला इन दिनों पानी के संकट से जूझ रहा है। यहां आठ दिनों से पानी की सप्लाई नहीं हुई है।लोग रात भर सड़कों पर लंबी लाइन लगाकर पानी भर रहे हैं। 

इस समस्या से राहत पाने के लिए लोग मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के आवास पर गुहार लगाने भी पहुंचे, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई उम्मीद नहीं दिखी।

गर्मियों के दिनों में शिमला पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा जगह होती है। ऐसे में पानी का ये संकट टूरिज्म और होटल व्यवसाय पर बुरा प्रभाव डाल रहा है।

कई होटल बंद कर दिए गए हैं। लोग अपनी अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए दुकानों से मिनरल वॉटर लेकर काम चला रहे हैं।

पानी की किल्ल्त की वजह से शहर के बिगड़ते हालात को देखकर हाई कोर्ट ने मंगलवार को नगर निगम कमिश्नर और म्यूनिसिपल इंजीनियर को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं।

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पानी की कमी की वजह से पहली बार तीनों न्यायालयों में सोमवार को काम बंद रहा। हाईकोर्ट समेत जिला सत्र न्यायालय और प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में भी पानी की कमी के कारण काम नहीं हो पाया है।

इस समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आपात बैठक बुलाकर हालात पर कंट्रोल करने के आदेश दिए।

इस बैठक के बाद मुख्य सचिव विनीत चौधरी नगर निगम के कंट्रोल रूम में पहुंचे। इसके बाद नगर निगम के अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया।

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