IDFC बैंक और कैपिटल फर्स्ट का होगा विलय, 1 अप्रैल 2018 से होंगे एक

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नई दिल्ली:

आईडीएफसी बैंक ने शनिवार को गैर-बैकिंग वित्तीय कंपनी कैपिटल फर्स्ट के साथ विलय की घोषणा की। दोनों के इस विलय से कंपनी संयुक्त रुप से 88,000 करोड़ रुपये संचय करेगी।

आईडीएफसी बैंक ने बीएसई (बम्बई स्टॉक एक्सचेंज) को एक नियामकीय फाइलिंग में यह जानकारी दी। कंपनी ने बताया, 'आईडीएफसी बैंक के निदेशक मंडल ने कैपिटल फर्स्ट लि., कैपिटल फर्स्ट होम फाइनेंस लि. और कैपिटल फर्स्ट सिक्यूरिटीज लि. के साथ एकीकरण की समग्र योजना को मंजूरी दे दी है।'

विनियामकीय फाइलिंग में कहा गया है कि निदेशक मंडल ने बिपिन जेमानी को अंतरित मुख्य वित्त अधिकारी और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दे दी, जो कि 13 जनवरी से प्रभावी होगी।

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इस सिलसिले में दोनों कंपनियों के बोर्ड ने भी बैठक की थी। बोर्ड बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि आईडीएफसी बैंक ने 139:10 के अनुपात के शेयर स्वैप पर बात बनी है।

इसका मतलब आईडीएफसी बैंक कैपिटल फर्स्ट के प्रत्येक 10 शेयर पर 139 शेयर जारी करेगी। शुक्रवार को आईडीएफसी बैंक का शेयर डेढ़ फीसदी नीचे 67.75 के स्तर पर बंद हुआ था जबकि कैपिटल फर्स्ट का शेयर आधा फीसदी चढ़कर 835 रुपये पर बंद हुआ था।

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