बीजेपी शासित 4 राज्यों में पद्मावत पर रोक, बैन के खिलाफ कोर्ट पहुंचे भंसाली

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नई दिल्ली:

फिल्म 'पद्मावती' का नाम 'पद्मावत' करने के बाद भी विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। राजस्थान सरकार के फिल्म पर बैन लगाने के बाद अब निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली ने मोर्चा खोल दिया है।

भंसाली ने फिल्म पर बैन को लेकर जोधपुर हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। भंसाली की याचिका पर रिलीज से पहले फिल्म कोर्ट में दिखाई जाएगी जिसके बाद ही इसपर कोई फैसला लिया जाएगा।

ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि भंसाली, रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण पर नागौर के डीडवाना पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था जिस पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, इन तीनों पर आईपीसी की धारा 153 ए और 295 ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जिन्हें रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

आपको बता दें कि, फिल्म को रिलीज करने से पहले सिनेमैटोग्राफी अधिनियम 1952 के तहत बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन सेक्शन 5 ए के तहत सर्टिफिकेट लेना पड़ता है। इस बाबत कोर्ट ने कहा कि, ‘मुकद्मे को निरस्त फिल्म को देखे बिना नहीं किया जा सकता है, इसलिए 23 जनवरी या इससे पहले फिल्म को कोर्ट के सामने दिखाना होगा।’

Director Sanjay Leela Bhansali filed a plea in Rajasthan High Court appealing for quashing of an FIR in Didwana. Court directs to screen the film for the Court before 23rd January. State govt has said that the film will not be released in the state. #Padmavat

— ANI (@ANI) January 12, 2018

बता दें कि फिल्म पर बैन को लेकर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने साफ कर दिया है कि राजस्थान में पद्ममावत रिलीज नहीं होगी। उन्होंने कहा है कि प्रदेश की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य में फिल्म 'पद्मावत' का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। प्रदेश के किसी भी सिनेमाघर में यह फिल्म नहीं दिखाई जाएगी।

राजे ने कहा था कि रानी पद्मिनी का बलिदान प्रदेश के मान-सम्मान और गौरव से जुड़ा हुआ है, इसलिए रानी पद्मिनी हमारे लिए सिर्फ इतिहास का एक अध्याय भर नहीं, बल्कि हमारा स्वाभिमान हैं और उनकी मर्यादा को हम किसी भी सूरत में ठेस नहीं पहुंचने देंगे।

राजस्थान के बाद ही बीजेपी प्रशासित अन्य राज्य गुजरात, मध्य प्रदेश, हिमाचल, और यूपी में भी फिल्म के रिलीज पर रोक लगा दी गई है।  फिल्म पर बैन को लेकर गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने कहा है कि 'पद्मावत' गुजरात में रिलीज नहीं होगी।

वहीं दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' को प्रदेश में रिलीज होने देने का संकेत दिया था। गौरतलब है कि जिन राज्य में फिल्म को बैन किया गया है वो फिल्म के लिहाज से बड़ा बाजार है और इन राज्य में ज्यादातर लोग हिंदी भाषी हैं।

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करणी सेना ने 'पद्मावत' को रिलीज करने के सेंसर बोर्ड के फैसले का विरोध करने की धमकी दी है। सेना ने कहा है कि 12 जनवरी को सेंसर बोर्ड के ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करेंगे। करणी सेना ने फिल्म के रिलीज होने पर सिनेमाघरों को जलाने की भी धमकी दी है।

'पद्मावत' के 25 जनवरी को रिलीज होने की चर्चा है। कुछ दिन पहले ही सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सेंसर बोर्ड ने इसकी जानकारी दी थी। फिल्म में 5 जरुरी बदलाव किए गए है और 'पद्मावती' नाम बदलकर 'पद्मावत' कर दिया गया।

फिल्म में रणबीर कपूर, शाहिद कपूर व दीपिका पादुकोण ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म में खिलजी और रानी पद्मावती के बीच किसी तरह के अंतरंग दृश्य होने का सवाल पैदा हुआ।

भंसाली और वायाकॉम 18 पिक्चर्स को फिल्म को रिलीज करने में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भंसाली की फिल्म 16वीं सदी के भारतीय सूफी कवि मलिक मोहम्मद जायसी के महाकाव्य पद्मावत पर आधारित है।

सेंसर बोर्ड ने तीन सदस्यीय सलाहकार समिति से सलाह के बाद फिल्म को यूए सर्टिफिकेट के साथ रिलीज करने पर सहमति जता दी है।

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