कुलभूषण जाधव मामला: इंटरनेशनल कोर्ट में करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तान बनाएगा लीगल टीम

By   |  Updated On : May 19, 2017 12:18 PM
कुलभूषण जाधव के लिए दुआ करते स्कूली बच्ची (फोटो-PTI)

कुलभूषण जाधव के लिए दुआ करते स्कूली बच्ची (फोटो-PTI)

ख़ास बातें
  •  कुलभूषण जाधव मामले में हार के बाद अब पाकिस्तान बनाएगा नया लीगल टीम
  •  आईसीजे में भारत की जीत के बाद पाकिस्तान में नवाज सरकार की हो रही है आलोचना
  •  आईसीजे ने कहा है कि अंतिम आदेश तक पाकिस्तान जाधव को नहीं दे सकता है फांसी

नई दिल्ली:  

कुलभूषण जाधव के मामले में इंटरनेशनल कोर्ट (आईसीजे) में भारत से पटखनी खाने के बाद पाकिस्तान ने अपनी लीगल टीम बदलने का फैसला किया है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा, 'नई टीम पाकिस्तान का पक्ष मजबूती से रखेगी।'

आपको बता दें की पाकिस्तान में कुलभूषण जाधव मामले में पाक के लीगल टीम की मीडिया और विपक्ष आलोचना कर रहा है। उसका कहना है कि पाकिस्तानी लीगल टीम ने आईसीजे में मजबूती से अपना पक्ष नहीं रखा।

पाकिस्तान टुडे ने कहा है, 'वक्त आ गया है, जब पाकिस्तान को अपनी रणनीति की समीक्षा करनी चाहिए और आईसीजे में केस लड़ने के लिए नई लीगल टीम बनाई जाए।'

आपको बता दें की कुलभूषण जाधव मामले में भारत को गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) में बेहद अहम कूटनीतिक, नैतिक व कानूनी सफलता मिली।

अदालत ने पाकिस्तान से मामले में अंतिम फैसला आने तक कथित जासूस कुलभूषण जाधव को फांसी न देने का आदेश दिया और आदेश के क्रियान्वयन को लेकर उठाए गए कदमों से अदालत को अवगत कराने को कहा।

फैसले को भारत के विदेश मंत्रालय ने सर्वसम्मत, अनुकूल तथा स्पष्ट करार दिया, वहीं पाकिस्तान ने कहा कि आईसीजे के पास राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामलों की सुनवाई करने का अधिकार नहीं है।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अदालत का फैसला कुलभूषण जाधव के परिवार तथा भारतीयों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा कि कथित जासूस कुलभूषण जाधव मामले की सुनवाई अंतर्राष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) के अधिकार क्षेत्र में नहीं है।

और पढ़ें: कुलभूषण जाधव केस में भारत के पास ICJ के फैसले के बाद बचा है ये विकल्प

पाकिस्तान ने दावा किया है कि जाधव को अशांत बलूचिस्तान में तीन मार्च, 2016 को गिरफ्तार किया गया। साथ ही इस्लामाबाद ने दावा किया कि एक वीडियो में भारतीय नौ सेना के पूर्व अधिकारी ने बलूचिस्तान में आतंकवाद तथा आतंकवादियों में लिप्त होने की बात स्वीकार की।

जबकि इन आरोपों को भारत ने खारिज करते हुए कहा कि है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था। जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने मौैत की सजा सुनाई है।

भारत ने सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) से मांग की कि भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव की मौत की सजा को पाकिस्तान रद्द करे और वह इस पर गौर करे कि उन्हें फांसी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि उनके मामले की सुनवाई विएना संधि का उल्लंघन करते हुए 'हास्यास्पद' तरीके से की गई है।

बता दें कि आईसीजे ने भारत की याचिका पर फैसला देते हुए कुलभूषण जाधव की फांसी पर मामले की पूरी सुनवाई होने तक रोक लगा दी है। जाधव को जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है।

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(इनपुट IANS से भी)

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