Breaking
  • जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने नाबालिग आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज किया
  • कांग्रेस को झटका, गुजरात चुनाव की काउंटिंग में SC का दखल से इंकार
  • राज्यसभा दिन भर के लिए स्थगित
  • क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे के पिता हिरासत में, कार से महिला को कुचलने का लगा आरोप
  • तीन तलाक: सूत्रों के हवाले से खबर, मोदी कैबिनेट ने बिल पर लगाई मुहर
  • माइक्रोवेव ओवन इंपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी 10 प्रतिशत से बढ़कर 20 फीसदी हुई
  • हिमाचल में कांग्रेस का सफाया, गुजरात में फिर BJP सरकार: एग्जिट पोल -Read More »
  • इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष, आक्रामक रहेगी कांग्रेस

निठारी कांड: सुरेंद्र कोली और मनिंदर सिंह पंढेर को फांसी की सजा

  |  Updated On : December 08, 2017 05:29 PM
पुलिस की गिरफ्त में सुरेंद्र कोली (फाइल फोटो-IANS)

पुलिस की गिरफ्त में सुरेंद्र कोली (फाइल फोटो-IANS)

गाजियाबाद:  

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक अदालत ने निठारी में हुए श्रृंखलाबद्ध दुष्कर्म और हत्या के मामलों में से एक मामले में शुक्रवार को सुरेंद्र कोली और मनिंदर सिंह पंढेर को फांसी की सजा सुनाई है।

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पी.के. तिवारी ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कोली और पंढेर घरेलू नौकरानी अंजलि के साथ 2006 में दुष्कर्म करने और उसकी हत्या में संलिप्त थे और दोनों कठोरतम सजा के हकदार हैं।

न्यायाधीश ने कहा, 'चूंकि पंढेर अपने नौकर के साथ इसमें शामिल थे, इसलिए वह भी कानून के अनुसार अधिकतम सजा के हकदार हैं, जो कि मृत्युदंड है।'

उन्होंने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।

न्यायालय ने गुरुवार को इस मामले में दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(दुष्कर्म), 302(हत्या), 201(सबूत छिपाने और झूठी सूचना फैलाने) के अंतर्गत दोषी पाया था।

और पढ़ें: कुलभूषण जाधव से मिलने 25 दिसंबर को जाएंगी मां और पत्नी

दोनों पंढेर के नोएडा स्थित घर में कई बच्चों के अपहरण, उनके यौन शोषण और हत्या के मामले में मुख्य अभियुक्त हैं।

सीबीआई ने इस मामले में पंढेर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल नहीं किया था, लेकिन अदालत ने उसे सीआरपीसी की धारा 319 के अंतर्गत अभियुक्त के रूप में तलब किया था और कोली के साथ उसे भी दोषी करार दिया।

इस मामले में, एक 25 वर्षीय नौकरानी 12 अक्टूबर, 2006 को काम करने के बाद घर वापस नहीं लौटी थी। उसके लापता होने की शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई गई थी।

कोली को पहली बार 29 दिसंबर, 2006 को गिरफ्तार करने के बाद, पुलिस ने घर के पीछे से कुछ कंकाल बरामद किए थे।

अभियोजन पक्ष के वकील जे.पी. शर्मा ने बताया, 'उनमें से एक कंकाल का डीएनए अंजलि की मां और भाई से मिल गया, जो कि उसे दोषी ठहराने के लिए मजबूत सबूत था। पीड़िता के परिजनों ने उसके कपड़े की भी पहचान की थी, जिसके बाद अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया।'

यह तीसरा मामला है, जिसमें पंढेर को मौत की सजा सुनाई गई है, जबकि कोली को इससे पहले आठ मामलों में दोषी ठहराया गया है, जिसमें उसे फांसी की सजा सुनाई गई है।

और पढ़ें: कांग्रेस को हुए नुकसान के लिए दंड भुगतने को तैयार: मणिशंकर

RELATED TAG: Nithari Killings Case, Surinder Koli, Moninder Singh Pandher, Death Penalty,

देश, दुनिया की हर बड़ी ख़बर अब आपके मोबाइल पर, डाउनलोड करें न्यूज़ स्टेट एप IOS ओर Android यूज़र्स इस लिंक पर क्लिक करें।

Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो करें

न्यूज़ फीचर

मुख्य ख़बरे

वीडियो

फोटो