Breaking
  • चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान एमएस धोनी ने जीता टॉस, पहले फील्डिंग का फैसला किया
  • मुंबई: गोरेगांव (पश्चिम) एसवी रोड पर टेक्निक प्लस वन की बिल्डिंग में आग लगी
  • केरल: निपाह वायरस के कारण एक अन्य की मौत, मरने वालों की संख्या 14 हुई
  • ओमान चांडी को आंध्र प्रदेश का कांग्रेस प्रभारी नियुक्त किया गया, दिग्विजय सिंह की जगह लेंगे
  • पीएम मोदी 44वीं बार करेंगे मन की बात, छात्रों को दिखाएंगे रास्ता पढ़ें पूरी खबर -Read More »
  • पीएम मोदी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर करेंगे रोड शो, सोलर पावर से लैस हाईवे का करेंगे उद्घाटन -Read More »

जानें मोक्षदा एकादशी को क्यों कहते हैं 'गीता जयंती', ये है पूजा-विधि

  |   Updated On : November 30, 2017 08:13 AM
मोक्षदा एकादशी का ये है महत्व

मोक्षदा एकादशी का ये है महत्व

नई दिल्ली:  

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का महत्वपूर्ण स्थान है। हर साल 24 एकादशी होती हैं। मार्गशीष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को 'मोक्षदा' के रूप में 30 नवंबर को मनाया जाएगा। 

मोक्षदा एकादशी अनेकों पापों को नष्ट करने वाली है। इसे दक्षिण भारत में 'वैकुंठ एकादशी' के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत शुरू होने से पहले अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था।

मोक्षदा एकादशी के दिन तुलसी की मंजरी, धूप-दीप आदि से भगवान दामोदर का पूजन करना चाहिए। उपवास रखकर श्रीहरि के नाम का संकीर्तन और रात्रि जागरण करें। 1 दिसंबर को सुबह व्रत का पारण करें। 

मार्गशीष शुक्ल एकादशी को ही कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया था। इसी वजह से यह तिथि 'गीता जयंती' के नाम से भी विख्यात है।  

ये भी पढ़ें: मंदिर में क्यों बजाई जाती है घंटी? क्या ये है वजह...


  

RELATED TAG: Mokshada Ekadashi,

देश, दुनिया की हर बड़ी ख़बर अब आपके मोबाइल पर, डाउनलोड करें न्यूज़ स्टेट एप IOS ओर Android यूज़र्स इस लिंक पर क्लिक करें।

Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो करें

न्यूज़ फीचर

मुख्य ख़बरे

वीडियो

फोटो