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क्रिकेट के ऐसे धुरंधर जिन्होने अंतरराष्ट्रीय करियर में एक भी छक्का नहीं मारा तस्वीरों में देखें

Updated On : Sep 12, 2017 09:33 AM

कैलम फर्ग्यूसन (ऑस्ट्रेलिया)

कैलम फर्ग्यूसन (ऑस्ट्रेलिया)

कैलम फर्ग्यूसन ने 2009 में ऑस्ट्रेलिया के लिए अपनी अंतरराष्ट्रीय शुरुआत की और इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के लिए 30 एकदिवसीय मैच खेले। ऑस्ट्रेलियाई टीम में अपने छोटे से करियर के दौरान, फर्ग्यूसन ने 40 से अधिक औसत से 663 रन बनाए जिसमें 5 अर्धशतक भी शामिल हैं। फर्ग्यूसन का 85 का स्ट्राइक रेट यह बताता है कि वो धीमी गति के बल्लेबाज नहीं थे। इस के बावजूद, दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के इस खिलाड़ी ने एक भी छह रन नहीं मारे हैं। हालांकि, उन्होंने 5 साल से अधिक समय पहले ऑस्ट्रेलिया के लिये अपना आखिरी मैच खेला था और अभी भी नेशनल टीम में वापस आने की कोई संभावना नहीं है।

थिलन समरवीरा (श्रीलंका)

थिलन समरवीरा (श्रीलंका)

थिलन समरवीरा श्रीलंका टीम में महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा के सपॉर्ट में खेलते रहे थे। उन्होंने 81 टेस्ट मैचों में 5462 रन बनाए। वनडे में हालांकि वह इस कामयाबी को दोहरा नहीं पाए। उन्होंने 12 साल में सिर्फ 53 वनडे ही खेले। इस दौरान वह केवल 862 रन ही बना पाए और अपनी 42 पारियों में वह कोई छक्का नहीं लगा पाए।

डिओन अब्राहिम (जिम्बाब्वे)

डिओन अब्राहिम (जिम्बाब्वे)

डिओन अब्राहिम ने जिम्बाब्वे के लिये 82 वनडे मैच खेले और कुल 1443 रन बनाए। उनका टॉप स्कोर 121 था। इसके अलावा उन्होंने 4 हाफ सेंचुरी भी लगाईं। अब्राहिम हालांकि कोई छक्का नहीं लगा पाए। हैरानी की बात यह है कि अब्राहिम वनडे ही नहीं टेस्ट में भी कोई छक्का नहीं लगा पाए।

जेफ्री बॉयकॉट (इंग्लैंड)

जेफ्री बॉयकॉट (इंग्लैंड)

इंग्लैंड के सबसे कामयाब बल्लेबाजों में शुमार जेफ्री बॉयकॉट ने 108 टेस्ट मैचों में 8114 रन बनाए। उन्होंने यहां कुल 8 छक्के लगाए लेकिन वनडे क्रिकेट में वह छक्का नहीं लगाए पाए। उन्होंने 36 मैचों में 1082 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट भी 53.56 का ही रहा।

मनोज प्रभाकर (भारत)

मनोज प्रभाकर (भारत)

पूर्व तेज गेंदबाज ऑलराउंडर मनोज प्रभाकर ने 1984-1996 तक भारत का प्रतिनिधित्व किया। प्रभाकर हालांकि मुख्य रूप से एक तेज गेंदबाज थे लेकिन बल्ले से भी उनका प्रदर्शन बढ़िया था। वनडे क्रिकेट में उन्होंने कई मौकों पर सलामी बल्लेबाजी भी की। प्रभाकर ने भारत के लिए 39 टेस्ट मैचों में 1600 ऱन बनाए। वहीं 130 वनडे मैचों में दो शतकों की मदद से उन्होंने 1858 रन बनाए। प्रभाकर 1987, 1992 और 1996 विश्व कप में खेलने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। इतने लंबे समय तक खेलने के बावजूद उनके बल्ले से कभी कोई छक्का नहीं निकला।

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