Breaking
  • IndVSAus कोलकाता वनडे में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 50 रनों से हराया
  • यूपी: नोएडा सेक्टर-110 में तीन कर्मचारियों की सीवर सफाई के दौरान हुई मौत
  • जम्मू-कश्मीर के अरनिया सेक्टर में पाकिस्तान ने तोड़ा सीज़फायर, बीएसएफ दे रही है जवाब
  • हाई कोर्ट के फैसले से बिफरी ममता, 'मुझे नहीं बताएं क्या करना है' -Read More »
  • अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए 500 अरब रुपये खर्च करेगी मोदी सरकार -Read More »

सिकंदराबाद के सिकंदर संतोष आनंद को मिला यश भारती पुरस्कार, जानिए उनके बेहतरीन गानों के बारे में

Updated On : Oct 27, 2016 09:38 AM

संतोष आनंद

संतोष आनंद

संतोष आनंद जब कलम थामते हैं तो प्रेम रोग से लेकर बहन के मोहब्बत तक को बयां करते हैं। कभी उनके गीतों में शराब का नशा झलकता है तो कभी मेघा रे मेघा रे से विरह का दर्द। उत्तर प्रदेश की धरती पर पैदा हुए इस गीतकार ने जब भी कलम से ज़िंदगी का फलसफा बयां किया तो घरी दो घरी की ज़िंदगी में मौहब्बत करने की सीख दी ।

क्रांति, शोर, रोटी, कपड़ा और मकान, प्रेमरोग जैसे अनेक फिल्मों में गीत लिखने वाले इस कलाकार को उत्तर प्रदेश सरकार ने यश भारती पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने 26 फिल्मों में 109 गीत लिखे हैं। आइए जानते हैं संतोष आनंद के आनंदित करने वाले गीतों के बारे में

फिल्म क्रांति

फिल्म क्रांति

ज़िंदगी की न टूटे लड़ी, प्यार कर ले घड़ी दो घड़ी

फिल्म तिरंगा

फिल्म तिरंगा

गीत- इसे समझो न रेशम का तार भैया, ये है बहनों से भाईयों का प्यार भैयै

फिल्म प्रेमरोग

फिल्म प्रेमरोग

अरे कुछ नहीं, कुछ नहीं फिर कुछ नहीं है भाता जब रोग ये लग जाता
मैं हूँ प्रेम रोगी.

फिल्म रोटी कपड़ा और मकान

फिल्म रोटी कपड़ा और मकान

गीत- हाय-हाय ये मजबूरी, ये मौसम और ये दूरी

फिल्म- प्यासा सावन

फिल्म- प्यासा सावन

गीत- मेघा रे मेघा रे, मत परदेस जा रे

न्यूज़ फीचर

मुख्य ख़बरे

वीडियो

फोटो