मुबंई हमले में शहादत देने वालों को देश हमेशा करता रहेगा सलाम

Updated On : Nov 26, 2016 02:32 AM

मुबंई हमले के जख्म जस के तस

मुबंई हमले के जख्म जस के तस

मुबंई में हुए 26/11 हमले को आज यानि शनिवार को 8 साल हो गए हैं। लेकिन आज भी देशवासियों के जख्म जस के तस हैं, जो शायद ही कभी भर सके।

महाराष्ट्र एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे

महाराष्ट्र एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे

26 नवंबर 2008 को पूरी मुबंई आतंकवादियों की बंधक बन गई थी। 2008 के इस आतंकी हमले में 166 लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग जख्मी हुए थे। महाराष्ट्र एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे आतंकियों से लोहा लेते हुए इस हमले में शहीद हो गए थे।

पुलिस अधिकारी विजय सालस्कर

पुलिस अधिकारी विजय सालस्कर

पुलिस अधिकारी विजय सालस्कर ने निर्दोष लोगों को बचाने के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी थी।

जाबांज आईपीएस अशोक कामटे

जाबांज आईपीएस अशोक कामटे

जाबांज आईपीएस अशोक कामटे की शहादत को भी आज पूरा देश नमन करता है। इनकी कुर्बानी आज भी आज देशवासी के दिल में जिंदा है।

एनएसजी के कमांडो मेजर संदीप उन्नीकृष्णन

एनएसजी के कमांडो मेजर संदीप उन्नीकृष्णन

एनएसजी के कमांडो मेजर संदीप उन्नीकृष्णन और कसाब को पकड़ने वाले एएसआई तुकाराम ओंबले शहीद हो गए।

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