Photos: महात्मा गांधी की जिंदगी के रोचक तथ्य, जो नहीं जानते होंगे आप

Updated On : Oct 01, 2016 17:03 PM

फाइल फोटो

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दुनिया को शांति और अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आज 147वीं जयंती है। इस खास मौके पर हम आपको उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं।

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1. गांधी जी की आत्मकथा 'सत्य के प्रयोग' में लिखा है कि महात्मा गांधी बचपन में बेहद शर्मीले थे। 10 साल की उम्र के बाद उन्होंने कई स्कूल बदले। उनकी परीक्षा का परिणाम 40-50 फीसदी के बीच ही आता था। यही नहीं, वे स्कूल से भी भाग जाते थे, ताकि किसी से बात न करनी पड़े।

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2. खबरों के मुताबिक, हाईस्कूल में महात्मा गांधी के बेस्ट फ्रेंड मुस्लिम थे। वहीं, उनके हेड मास्टर पारसी थे। उनके स्कूल की बिल्डिंग एक नवाब द्वारा बनवाई गई थी। इस तरह कई धर्मों के बीच गांधी जी का बचपन बीता और इसका प्रभाव उनके जीवन पर भी रहा।

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3. महात्मा गांधी ने दांडी यात्रा से पहले भी पदयात्रा की थी। इंग्लैंड में कानून की पढ़ाई के दौरान उन्हें रोजाना 8 से 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। कहा जाता है कि इसी वजह से गांधी जी को पदयात्रा करने में इतनी मुश्किल नहीं हुई।

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4. साल 1931 की इंग्लैंड यात्रा के दौरान महात्मा गांधी ने पहली बार रेडियो पर अमेरिका के लिए भाषण दिया था। उन्होंने रेडियो पर पहला शब्द बोला था कि 'क्या मुझे इसके (माइक्रोफोन) अंदर बोलना पड़ेगा? ( Do I have to speak into this thing?)

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5. बताया जाता है कि एक बार उनका जूता चलती ट्रेन से नीचे गिर गया था। उन्होंने तुरंत अपना दूसरा जूता भी ट्रेन से नीचे फेंक दिया। वहां मौजूद लोगों के पूछने पर उन्होंने बताया कि 'एक जूता मेरे और उसके (जिसे दूसरा जूता मिलेगा) किसी काम नहीं आएगा। अब कम से कम वो आदमी दोनों जूते तो पहन सकेगा।'

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6. महात्मा गांधी समय के पाबंद थे। उनके पास हमेशा एक घड़ी रहती थी। उनकी हत्या से कुछ देर पहले वो इस बात से काफी परेशान थे कि वो प्रार्थना सभा में 10 मिनट देर से पहुंचे थे।

सुभाष चंद्र बोस के साथ महात्मा गांधी (फाइल फोटो)

सुभाष चंद्र बोस के साथ महात्मा गांधी (फाइल फोटो)

7. मोहनदास करमचंद गांधी को राष्ट्रपिता की उपाधि सुभाष चंद्र बोस ने दी थी।

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8. गांधी जी को 1948 में नोबेल पुरस्कार देने के लिए चुना गया था, लेकिन इसके पहले ही उनकी हत्या हो गई थी। स्वीडिश अकादमी ने यह कहते हुए किसी को पुरस्कार नहीं दिया कि नोबेल कमेटी किसी भी 'ज़िंदा' उम्मीदवार को इस लायक़ नहीं समझती है।

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9. महात्मा गांधी ने अपनी आत्मकथा गुजराती भाषा में लिखी थी। गांधी को 'महात्मा' की उपाधि रवींद्र नाथ टैगोर ने दी थी।

महात्मा गांधी (फाइल फोटो)

महात्मा गांधी (फाइल फोटो)

10. 2 अक्टूबर को गांधी जी का जन्मदिन 'विश्व अंहिसा दिवस' के रूप में मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने की थी।

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