अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन की खासियत, मोदी-आबे ने रखी नींव

Updated On : Sep 14, 2017 19:39 PM

मोदी आबे ने बुलेट ट्रेन की रखी नींव

मोदी आबे ने बुलेट ट्रेन की रखी नींव

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी समकक्ष शिंजो आबे के साथ मिलकर गुरुवार को अहमदाबाद-मुंबई हाई स्पीड रेल लाइन की नींव रख कर इस महत्वकांक्षी परियोजना की शुरुआत की। आईए जानते हैं इससे जुड़ी खास बातें-

पीएम मोदी और आबे

पीएम मोदी और आबे

सरकार ने इस 1.08 लाख करोड़ रुपये की महत्वकांक्षी परियोजना को भारतीय स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ 15 अगस्त 2022 के मौके पर भारत की जनता को सौंपने का लक्ष्य रखा है। यह हाई स्पीड लाइन गुजरात के अहमदाबाद से मुंबई तक चलाई जाएगी। यह लाइन दो राज्यों के बीच सात घंटे की दूरी को महज तीन घंटों में पूरा करेगी।

पीएम मोदी और आबे मंच पर

पीएम मोदी और आबे मंच पर

इस रेल लाइन पर दौड़ने वाली बुलेट ट्रेन की अधिकतम गति 217 मील प्रति घंटा यानी 350 किमी प्रति घंटा जबकि औसत गति 320 किमी प्रति घंटा होगी, जो वर्तमान में देश की सबसे तेज चलनी वाली दूसरी ट्रेनों से दो गुना से भी ज्यादा होगी। यह बुलेट ट्रेन राजधानी दिल्ली से आगरा जाने वाली गतिमान एक्सप्रेस (100 मील प्रति घंटा) से लगभग तीन गुना ज्यादा तेजी से दौड़ेगी। यह शिंकांसेन मॉडल ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई तक आठ घंटे के सफर को तीन घंटे और करीब 316 मील की यात्रा में कटौती करेगी।

शिंजो आबे और पीएम मोदी

शिंजो आबे और पीएम मोदी

भारत से मजबूत दोस्ती का सबूत देते हुए जापान, भारत को इस परियोजना के लिए 88,000 करोड़ रुपये 0.1 प्रतिशत के न्यूनतम ब्याज पर ऋण देगा। इस ट्रेन के परिचालन की शुरुआत में 10 कोच होंगे जिसमें कुल 750 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। बाद में इसको बढ़ाकर 16 कोच का कर दिया जाएगा (जो कि प्रस्तावित है) जिसमें 1,250 यात्रियों की बैठने की क्षमता होगी। इस ट्रेन का किराया राजधानी एक्सप्रेस के एसी 2-टीयर की कीमत के बराबर होगा।

दोनों प्रधानमंत्रिओं ने प्रदर्शनी पंडालों का दौरा किया

दोनों प्रधानमंत्रिओं ने प्रदर्शनी पंडालों का दौरा किया

प्रांरभ में रेलवे करीब 35 हाई स्पीड बुलेट ट्रेन चलाएगा, जिसके लगभग 70 फेरे प्रति दिन लगाए जाने की उम्मीद है। साल 2050 तक बुलेट ट्रेनों की संख्या बढ़कर 105 तक की जा सकती है। रेलवे के मुताबिक बुलेट ट्रेन के शुरू होने के बाद सालाना 1.6 करोड़ लोग इन ट्रेनों से यात्रा करेंगे। वहीं 2050 तक इस संख्या में भारी इजाफा होने की उम्मीद है, यह आंकड़ा उस वक्त तक बढ़कर रोजाना 1.6 लाख तक पहुंच जाएगा जो इन ट्रेनों से सफर करेंगे। इस हाई स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना के शुरू होने से रोजगार क्षेत्र में वृद्धि होगी। परियोजना से करीब 36,000 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

मंच पर पियूष गोयल

मंच पर पियूष गोयल

इस 1.08 लाख करोड़ रुपये की महत्वकांक्षी परियोजना के लिए रेलवे को लगभग 825 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता होगी। जिसमें 92 फीसदी (468 किमी ऊंचा ट्रैक) जमीन से ऊंचाई पर रहेगा, छह फीसदी (सुरंग के भीतर 27 किलोमीटर) सुरंगों के माध्यम से और शेष दो फीसदी (13 किमी भूमि पर) भूमि पर बनाया जाएगा। अहमदाबाद से मुंबई तक इस रेल लाइन मार्ग पर कुल 12 स्टेशन होंगे जहां पर ट्रेन केवल 165 सेकेंड के लिए रुकेगी। इसके साथ ही 20 घंटे के सफर के बाद चार घंटे तक इनकी सफाई की जाएगी।

हाई स्पीड ट्रेन

हाई स्पीड ट्रेन

रेलवे ने गति के आधार पर दो प्रकार की बुलेट ट्रेन चलाने की योजना बनाई है। पहली हाई स्पीड ट्रेन जो मुंबई और अहमदाबाद के बीच प्रस्तावित है, सभी 12 स्टेशनों पर रुकेगी, दूसरी तेज गति वाली ट्रेन केवल प्रमुख स्टेशनों पर ही रुका करेगी। रेलवे के मुताबिक कुल 24 हाई स्पीड बुलेट ट्रेनें जापान से आयात की जाएगी और फिर बाकी की बची ट्रेनों को भारत में ही निर्मित किया जाएगा।

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