Breaking
  • अब सरकार से बड़े आर्थिक सुधार की उम्मीद होगी बेमानी: एसोचैम
  • बलूचिस्तान: क्वेटा में चर्च के पास धमाका, चार घायल
  • INDvSL तीसरा वनडे: भारत ने टॉस जीतकर लिया गेंदबाजी का फैसला
  • असम के धेमाजी में आया 4.2 तीव्रता का भूकंप
  • सुरक्षा बलों ने बारामुला के पट्टन इलाके में सर्च ऑपरेशन किया लॉन्च
  • पाकिस्तान सरकार ने जाधव की पत्नी और मां के वीजा को किया मंजूर
  • कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी सांसद और पद अधिकारियों को दिया डिनर का न्योता
  • मध्यप्रदेश: कांग्रेस नेता कमल नाथ पर बंदूक तानने वाले पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ FIR दर्ज
  • अमृतसर, जालंधर और पटियाला की 32 नगर परिषदों और नगर पंचायतों पर मतदान हुआ शुरू
  • गुजरात चुनाव: आज 6 बूथों पर फिर से होगा मतदान

जानें अपने अधिकार: हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना सरकार की है ज़िम्मेदारी

  |  Updated On : December 04, 2017 10:18 PM
ख़ास बातें
  •  भारतीय संविधान ने अनुच्छेद-21 के तहत जीने के अधिकार में 'स्वास्थ्य के अधिकार' को वर्णित किया है
  •  मरीजों को अस्पताल में इलाज या जांच से पहले अपनी बीमारी जानने का अधिकार है

नई दिल्ली:  

समाज में किसी व्यक्ति का स्वस्थ रहना न सिर्फ़ उसकी ज़रूरत है, बल्कि उसका बुनियादी और एक प्राकृतिक अधिकार है। यह इसलिए भी क्योंकि एक व्यक्ति का स्वस्थ रहना ही उसके संपूर्ण विकास का आधार होता है।

भारतीय संविधान ने भी अनुच्छेद-21 के तहत जीने के अधिकार में 'स्वास्थ्य के अधिकार' को वर्णित किया है। ऐसे में एक व्यक्ति की स्वास्थ्य ज़रूरतों को पूरा करना सरकार की ज़िम्मेदारी है।

10 दिसंबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानव अधिकार पर सार्वभौम (यूनिवर्सल) घोषणा पत्र जारी किया था, जिसमें लोगों की स्वतंत्रता और समानता जैसे मुद्दों के साथ चिकित्सीय देखभाल यानि स्वास्थ्य के अधिकार को प्रमुखता से रखा गया था।

भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) की नीति व नियमावली- 2002 में मरीज़ो के अधिकार और डॉक्टर की कार्यप्रणाली को बताया गया है।

एमसीआई अधिनियम, 1956 में बताया गया है कि चिकित्सा व्यवसाय का मुख्य उद्देश्य मानवता की सेवा करना है।

जानिए मरीज़ों के स्वास्थ्य अधिकार...

  • हर व्यक्ति को धर्म, जाति, लिंग या आर्थिक आधार पर भेदभाव किए बिना स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना सरकार की ज़िम्मेदारी है।
  • हर मरीज़ को सभी अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा लेने का हक़ है। इसके लिए कोई भी डॉक्टर या कर्मचारी किसी आधार पर मना नहीं कर सकता है।
  • अस्पताल में इलाज या जांच से पहले मरीज़ को अपनी बीमारी जानने का अधिकार है।
  • मरीज़ या उसके परिजन को इलाज का ख़र्च, मेडिकल रिकॉर्ड, दवाईयों, डॉक्टर के बारे में और अन्य विकल्पों को जानने का पूरा अधिकार है।
  • अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज़ को अपनी निजता को पाने का हक़ है।

और पढ़ें: जानें अपने अधिकार: ट्रैफ़िक हवलदार नहीं निकाल सकता आपके गाड़ी की चाबी

किसी भी व्यक्ति या मरीज़ के साथ डॉक्टर द्वारा ग़लत व्यवहार, धोखाधड़ी, ग़लत दवाई देने, फ़र्जीवाड़े या इससे संबंधित किसी भी समस्या पर आप भारतीय चिकित्सा परिषद या राज्यों के चिकित्सा परिषद में शिकायत कर सकते हैं।

हाल ही में दिल्ली के दो बड़े प्राइवेट अस्पतालों फ़ोर्टिस और मैक्स में हुई लापरवाही और घटनाओं की शिकायत भी भारतीय चिकित्सा परिषद में की जा सकती है।

इसके अलावा किसी भी दवा विक्रेता द्वारा ग़लत या नकली दवाई देने या अधिक दाम वसूलने पर आप नेशनल फ़ार्मास्यूटिकल्स प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) के पास शिकायत कर सकते हैं।

और पढ़ें: जानें अपने अधिकार: परिवार देगा रोटी, कपड़ा, मकान क्योंकि भरण-पोषण आपका हक़

RELATED TAG: Patient Rights, Right To Patient, Know Your Rights, Fundamental Rights, Right To Life, Article 21, Medical Council Of India, Health,

देश, दुनिया की हर बड़ी ख़बर अब आपके मोबाइल पर, डाउनलोड करें न्यूज़ स्टेट एप IOS ओर Android यूज़र्स इस लिंक पर क्लिक करें।

Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो करें

न्यूज़ फीचर

मुख्य ख़बरे

वीडियो

फोटो