UP: सुन्नी वक्फ बोर्ड का ताजमहल पर बैकस्टेप, कहा- नहीं करेंगे स्वामित्व का दावा

  |   Updated On : April 17, 2018 05:36 PM
सुप्रीम कोर्ट (फाइल)

सुप्रीम कोर्ट (फाइल)

नई दिल्ली:  

उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि वह ताजमहल के स्वामित्व का दावा नहीं करेगा।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील एडीएन राव को निर्देश लेने के लिए कहते हुए प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर व न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि बोर्ड द्वारा एक बार स्मारक पर अपने अधिकार का दावा करने के बाद इस मुद्दे पर निर्णय करना होगा।

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पीठ ने कहा, 'आप ने एक बार स्मारक को यदि वक्फ की संपत्ति के रूप में पंजीकृत करा दिया तो आपका बयान कि आप दावा नहीं करेंगे, मदद नहीं करेगा।'

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को करने का निर्देश दिया।

इससे पहले की सुनवाई में 11 अप्रैल को शीर्ष अदालत ने वक्फ बोर्ड से मुगल शासक शाहजहां के हस्ताक्षर वाला दस्तावेज अपने दावे के समर्थन में पेश करने को कहा था।

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