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यशवंत सिन्हा बोले, जजों की शिकायतें सुप्रीम कोर्ट का आंतरिक मामला नहीं, इमरजेंसी जैसे हालात

  |  Updated On : January 13, 2018 05:27 PM

नई दिल्ली:  

बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा सुप्रीम कोर्ट के जजों के विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि देश में लोकतंत्र खतरे में है और इंमरजेंसी जैसे हालात हैं। उन्होंने कहा कि ये सुप्रीम कोर्ट का आंतरिक मामला नहीं रह गया है और इसके लिये आवाज़ उठाई जानी चाहिये।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जज जब इस तरह से प्रेस कांफ्रेंस करने के लिये बाध्य हुए हैं तो उसका स्पष्टीकरण भी सामने आना चाहिये और इसी जांच कराई जानी चाहिये।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट के 4 जज इस तरह की बात कर रहे हैं तो जाहिर तौर पर देश में 1975 की इमरजेंसी जैसे हालात बन रहे है।

बीजेपी ने कहा था कि ये न्यायपालिका का आंतरिक मामला है जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए सिन्हा ने कहा, 'जब चार जज खुलेआम इसकी शिकायत कर रहे हैं, तो ये न्यायपालिका का आंतरिक मामला कैसे हो सकता है... लोकतांत्रिक संस्थाओं, राजनीतिक दलों, सरकार और चुने हुए प्रतिनिधियों को इसकी चिंता करनी चाहिए।

यशवंत सिन्हा ने कहा, 'मेरा ये उद्देश्य नहीं की कोर्ट के आंतरिक मामलों में में हस्तक्षेप करें, लेकिन लोकतंत्र और न्यायपालिका की रक्षा के लिये जजों ने जो भी कहा है इसकी जांच होनी चाहिये और सच्चाई देश को बताई जानी चाहिये।'

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उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि चीफ जस्टिस को सभी सीनियर जजों के साथ बैठक कर मामले को सुलझाना चाहिये। जिन मुद्दों को उठाया गया है उस पर सहमति बनाए जाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, 'मैं सभी मंत्रियों से अपील करता हूं कि वो अपने संकोच और डर को खत्म कर सामने आएं क्योंकि ये समय की मांग है। जजों ने जो कुछ भी कहा है वो हर देशवासी की आवाज़ है।'

उन्होंने कहा, 'जज क्या कह रहे हैं वो साफ है। उम्मीद है कि जस्टिस लोया की मौत की वजह सामने आएगी। मैं चारों जजों के साथ हूं और उनकी आलोचना करने की जगह हमें उनके उठाए मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिये।'

उन्होंने नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा, ' संसद कहां है? कोई चर्चा क्यों नहीं होती है संसद में? कौन चाहता है कि कुछ मामलों की सुनवाई कुछ चुने हुए जज ही करें? ये ऐसे सवाल हैं जिसका जवाब मिलना चाहिये।'

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शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। उन्होंने आरोप लगाया था कि सुप्रीम कोर्ट में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

उन्होंने आरोप लगाए कि चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा मामलों को उचित पीठ को आवंटित करने के नियम का पालन नहीं कर रहे।

भारत के आजाद होने के बाद यह पहला मौका था जब देश के सबसे बड़े न्याय मंदिर सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने भारत के चीफ जस्टिस के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस किया।

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