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उप-राष्ट्रपति चुनाव: मोदी-RSS से करीबी रिश्तों सहित वेंकैया नायडू को BJP ने इन कारणों से बनाया उम्मीदवार

By   |  Updated On : July 17, 2017 11:33 PM
वेंकैया नायडू (फाइल फोटो)

वेंकैया नायडू (फाइल फोटो)

ख़ास बातें
  •  बीजेपी में लाल कृष्ण अडवाणी समेत मौजूदा नेतृत्व से भी नायडू के अच्छे संबंध
  •  छात्र जीवन से संघ से जुड़े रहे हैं नायडू, बखूबी समझते हैं RSS की विचारधार
  •  राज्य सभा का लंबा अनुभव, नायडू की चेयर पर मौजूदगी मोदी सरकार के लिए होगी राहत

नई दिल्ली :  

एनडीए ने उप-राष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री एम. वेंकैया नायडू को अपना उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी की सोमवार शाम हुई संसदीय बोर्ड की बैठक में नायडू के नाम पर सहमति बनी।

नायडू दो बार बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं और चार बार से राज्यसभा सांसद हैं। नायडू मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। विपक्ष पहले ही महात्मा गांधी के पोते गोपाल कृष्ण गांधी को उपराष्ट्रपति पद का अपना उम्मीदवार घोषित कर चुका है।

जानिए, उपराष्ट्रपति के लिए क्यों नायडू बने बीजेपी की पहली पसंद

नायडू का साउथ कनेक्शन: वेंकैया नायडू आंध्र प्रदेश से आते हैं। उन्हें उपराष्ट्रपति बनाए जाने के पीछे यह एक बड़ा कारण है। दक्षिण में बीजेपी की हालत अब भी बहुत ठीक नहीं है। पार्टी को उम्मीद है कि नायडू को उम्मीदवार बनाए जाने से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में पार्टी की पैठ बढ़ सकती है। अभी से दक्षिण का दांव 2019 में पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

राज्य सभा में बीजेपी की कमजोर स्थिति: उप-राष्ट्रपति ही राज्य सभा का चेयरमैन होता है। वेंकैया नायडू अगर उप-राष्ट्रपति चुने जाते हैं तो राज्य सभा में उनका रोल अहम हो जाएगा और यह मौजूदा एनडीए सरकार के लिए काफी राहत वाला होगा।

यह भी पढ़ें: उप-राष्ट्रपति चुनाव: बीजेपी ने वेंकैया नायडू को बनाया उम्मीदवार, मंगलवार को भरेंगे नामांकन

दरअसल, मोदी सरकार अब भी राज्य सभा में विपक्ष के मुकाबले कमजोर है। नायडू संसदीय कार्यमंत्री भी रह चुके हैं और फ्लोर के प्रबंधन का उन्हें खासा अनुभव है। ऐसे में कम संख्या होने के बावजूद वे हाउस में स्थिति को संभालने में कारगर साबित हो सकते हैं। नायडू को राज्य सभा का बड़ा अनुभव भी है, वह चार बार राज्य सभा सांसद बन चुके हैं।

नरेंद्र मोदी और RSS से करीबी रिश्ते और बीजेपी में बड़ा कद: नायडू पीएम नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाते हैं। राजनीति गलियारों में कहा भी जाता है कि मोदी के लिए गुजरात के सीएम से भारत के पीएम बनने तक का सफर वेंकैया नायडू के बिना आसान नहीं होता। मोदी को लोकसभा चुनाव कैंपेन कमेटी का प्रमुख बनाने में नायडू का बड़ा हाथ था।

साथ ही नायडू के संघ से रिश्ते भी काफी करीबी हैं। वह अपने छात्र जीवन से संघ से जुड़े रहे हैं। साथ ही नायडू 1970 के दशक से बीजेपी के साथ हैं और संघ की विचारधारा को भी बखूबी समझते हैं।

यह भी पढ़ें: वेंकैया नायडू के एबीवीपी से उप-राष्ट्रपति उम्मीदवार बनने तक का सफर

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